मुख्यपृष्ठRath Saptami 2021: रथ पर चढ़ें सूर्यदेव की पूजा से दूर होते हैं सात जन्मों के पाप, नहीं खाना चाहिए नमक और तेल// THE ROYAL NEWS Rath Saptami 2021: रथ पर चढ़ें सूर्यदेव की पूजा से दूर होते हैं सात जन्मों के पाप, नहीं खाना चाहिए नमक और तेल// THE ROYAL NEWS Cheif Editor शुक्रवार, फ़रवरी 19, 2021 माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को रथ सप्तमी का त्योहार मनाया जाता है। श्रृग्वेद के ऋृषि कहते हैं कि जीवन तो सूर्यदेव का दर्सन ही हैय़ सात जन्मों के पापों को दूर करने के लिए रथ पर बैठे सूर्यदेव की पूजा की जाती है। इस दिन को अचला सप्तमी और भानु सप्तमी भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन तेल औऱ नमक नहीं खाना चाहिए। अस दिन अफने गुरु को वस्त्र, तिल, गाय दक्षिणा आदि देनी चाहिए। कहते हैं कि जो व्यक्ति इश दिन मीठा भोजन करता है उसे पूरे साल की सप्तमी व्रत का फल मिलता है। भविष्य पुराण में कहा गया है कि यह व्रत सौभाग्य , सुदंरता और उत्तम संतान प्रदान करता है। धर्मराज युधिष्टर ने जब इस विषय में श्रीकृष्ण से पूछा तो उन्होंने बताया कि एक गणिका इंदुमती ने अपने जीवन के अंत समय में वशिष्ठ मुनि से मृत्यु उपरांत उत्तम गति पाने का उपाय पूछा। मुनि ने कहा कि माघ मास की सप्तमी का व्रत करो। विधि इस प्रकार बताई। षष्ठी को एख बार भोजन करो। सप्तमी की सुबह स्नान से पहले आक के पत्ते सिर पर रखें और सूर्य का ध्यान करके गन्ने से जल सप्रर्श कर नमस्ते रुद्रपाय रसाना पतये नमछ वरुणाय नमस्ते अस्तु पढ़कर दीप प्रवाहित करं। स्नान के बाद सूर्य की अष्टदली प्रतिमा बना लें। उसमें शिव और पार्वती को स्थपित कर पूजन करें। फिर तांबे के पात्र में चावल भर दान करें। नदी में स्नान नहीं कर सकते तो गंगाजन मिलाकर दान करें। सूर्य को दीपदान करें। रथ सप्तमी शुभ मुहूर्त- सप्तमी तिथि आरंभ- 18 फरवरी 2021 दिन गुरूवार को सुबह 8 बजकर 17 मिनट से सप्तमी तिथि समाप्त- 19 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार सुबह 10 बजकर 58 मिनट तक सप्तमी के दिन अरुणोदय- सुबह 6 बजकर 32 मिनट सप्तमी के दिन अवलोकनीय (दिखने योग्य) सूर्योदय- सुबह 6 बजकर 56 मिनट। Facebook Twitter Whatsapp अन्य ऐप में शेयर करें Rath Saptami 2021: रथ पर चढ़ें सूर्यदेव की पूजा से दूर होते हैं सात जन्मों के पाप, नहीं खाना चाहिए नमक और तेल// THE ROYAL NEWS और नया पुराने