सेख समीम जामताड़ा
14 मृत आश्रितों के परिवार को उजड़ चुकी है राज्य सरकार..... तहरीक
जामताड़ा : बीरग्राम श्यामपुर बारबेन्दिया बड़ाकर नदी का 15 वर्ष से अधूरे पुल निर्माण नहीं होने पर तहरीक के अध्यक्ष एवं सचिव ने गहरी चिंता जताई है। झारखंड तहरीक ए उर्दू तंजीम जिला इकाई जामताड़ा के अध्यक्ष अलीमुद्दीन अंसारी ने बताया कि विगत वर्ष 24 फरवरी 2022 को इसी बीरग्राम बारबेन्दिया नदी घाट पर निरसा से जामताड़ा की ओर आ रही नाव दुर्घटना में 14 लोग शहीद हो गए थे । उन्होंने झारखंड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में सबसे ज्यादा खनिज संपदा और बजट रहने के बाद भी नदी घाट पर पुल नहीं बनाया गया जिसके कारण 14 लोगों की जान चली गई । यह बहुत बड़ी हृदय विदारक घटना है । सरकार को घटना के 1 साल गुजर जाने के बाद भी पुल निर्माण नहीं करा पाना जनता के जान के साथ खिलवाड़ करना साबित होता है । उन्होंने घटना की पुनरावृति नहीं होने को लेकर यथाशीघ्र पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है । उन्होंने कहा कि जनता के जान के साथ खिलवाड़ करना मानवता के खिलाफ है ।
उन्होंने बताया कि झारखंड की मधु कोड़ा सरकार ने पुल निर्माण की स्वीकृति दी थी जिसका निर्माण काल के दौरान 2009 में ही पांच पिलर ध्वस्त होने से आज भी पुल अधूरा है ।
कमिटी के सचिव नाजिर हुसैन ने बताया कि आधा से अधिक पिलर एवं छत का काम पूरा हो जाने के बावजूद यह पुल जांच के नाम पर अधूरा है । अगले विधानसभा चुनाव के पूर्व पूल बनकर तैयार नहीं होता है तो जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी ।
जामताड़ा और निरसा को जीटी रोड नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला यह बिरग्राम श्यामपुर बारबेन्दिया पुल निर्माण होने से क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग रोजगार , शिक्षा और मुख्यधारा से जुड़ेंगे ।
