सालों से टूटा है बिजली का पोल दुर्घटना का बाट जो रहा
मोतिहारी पू.च. :- राम सिंह छतौनी पंचायत माउंट लिट्रा स्कूल के चौराहे के पास सालों से बिजली का पोल टूटा हुआ है स्थानीय लोगों कहना है की जब बिजली का पोल लगा उसके तुरंत ही टूट गया और इसी तरह अभी भी टूटा हुआ है इसका मरम्मत अभी तक नहीं की जा सकी है। सबसे बड़ी बात इस मामले पे मोतिहारी के जेईई इंजीनियर को तस्वीर के साथ लिखित रूप में करीब दो सप्ताह पहले सूचित किया गया था। परंतु अभी तक बिजली पोल का मरम्मत नहीं किया गया। वही पोल किसी भी वक्त टूट कर नीचे गिर सकता है क्योंकि पुरवा हवा जो है काफी तेजी से चल रही है , इससे आसपास रह रहे लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
अंधेरे में कटेगा गरीबों रात नहीं है डिबिया का सहारा
वहीं स्थानीय लोगो के साथ राहगीर की भी जान खतरे में है । बताते चले की बिजली बिल का भुगतान कराने के लिए सोमवार को क़रीब दोपहर को दो पुलिस बल के साथ बिजिली विभाग के सुपरवाइजर शिवम सिंह और मीटर रीडिंग एजेंट अजय कुमार के द्वारा बिजली बिल नही चूकता करने पे कई लोगों के घर के बिजली काट दिया गया । राम सिंह छतौनी पंचायत माउंट लिट्रा स्कूल के चौराहे पे टूटा बिजली पोल का मुद्दा उठाया गया। अल्बाता जेईई इंजीनियर की भांति इस बार भी केवल आश्वासन ही मिला । बिजली बिल जमा नहीं करने पर यहां पर लोगों का बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है । बिजली कटने पर लोगों का कहना है कि मेरा बिल गलत है , क्योंकि हमारे घर में बिजली का इस्तेमाल बहुत ही कम है उसके बावजूद हमारा बिजली बिल 20 हजार से 30 हजार से अधिक गलत बिल बढ़ाकर दिया जा रहा है । स्थानीय लोग इस बात को बताते हुऐ भावुक भी हो गए । सबसे बड़ी बात जो आपको चौंका देगी कि इसमें भी छोटा बड़ा , अमीर - गरीब देखकर बिजली कटा जा रहा है । इसी इलाके में लोगों का 50 हजार से 90 हज़ार से अधिक बिल है उनके द्वार पे पुलिस के साथ पहुंचे सुपरवाइजर शिवम सिंह और मीटर रीडिंग अजय कुमार की नज़र नही पड़ी । इस प्रकार की दोहरी नीति कहा तक उचित है । गरीबों को ही केवल परेशान किया जा रहा। बता दे की सरकार पहले मिट्टी तेल राशन के माध्यम से सस्ता दामों में लोगो को मिलता था । जिससे घर में रोशनी का कार्य चलता था । परंतु अब किस तरह से अंधेरे में रात कटेगा सबसे बड़ी बात लोगों ने सरकार को कोसते हुए कहा कि अगर बिजली बिल इतना महंगा होगा तो हम खाएंगे या बिजली जमा करा खुदकुशी करेगें। रोते रोते लोगों ने ये भी बताया कि शरीर पे पहले से कर्जा चढ़ा है । ऐसे में हमारे पास मरने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं । स्थानीय सभी लोगों का कहना है कि 15 साल का बिजली बिल जो काफी पुराना है वह सारे माफ हो जाए तो हम सारे नए बिजली का बिल का भुगतान महीने - महीने करेंगे । बताते चलें कई लोग इस बिजली के खौफ से बिजली का कनेक्शन लेने से डर रहे हैं और मोमबत्ती जलाकर जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं । इस कठिन परिस्थिति में सरकार और बिजली विभाग को बिजली विभाग को महत्वपूर्ण बैठक कर गरीबों के हित के लिए नियम लाना पड़ेगा । अन्यथा गरीब इसी तरह डर और भय की स्थिति में अंधेरे में जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हो गए है । देखे तो फिर आज और बीते हजारों साल पहले में क्या अंतर रह जाएगा ।
