बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे सुबह-सुबह बेतिया शहर का भ्रमण करते नजर आये
बेतिया से बड़ी खबर.
बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे सुबह-सुबह बेतिया शहर का भ्रमण करते नजर आये और आम आदमी की तरह शहर में लोगों से मिलते हैं. कमर में गमछा लपेटे हुए शहर का भ्रमण कर रहे थे. लोग उन्हें पहचान नहीं पा रहे थे कि बिहार का डीजीपी बेतिया के शहर में घूम रहे हैं. इसी दौरान डीजीपी आम लोगों से मिले. कहीं डीएसपी बनकर मिले. तो कहीं बक्सर का आदमी कहकर मिले. शहर का हाल जानने की कोशिश करते रहे. शहर में कानून व्यवस्था के क्या हाल हैं. इसके बाद डीजीपी बेतिया सर्किट हाउस के सामने एमजेके कॉलेज के ठीक सामने बाइक सवार चालकों से मास्क पहने और हेलमेट पहनने की बात कहीं. बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे बाइक सवार को मास्क नहीं पहने ने पर और हेलमेट नहीं लगाने पर जमकर क्लास ली. बाइक सवार चालकों से कान पकड़कर सजा दिलाई और सॉरी बोलने को कहा और लोगों से अपील की कि कोरोना हराना है, तो मास्क पहनना जरूरी है. शहर के तमाम लोगों से बिहार डीजीपी सुबह सुबह मिलते रहे, लेकिन शहर के लोग नहीं जान पाए कि हम से मिलने वाला शख्स बिहार का डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे है. इसी बीच सरकारी व्यक्ति एक चाय की दुकान पर मिला. जिससे बिहार डीजीपी ने पूछा आपने मास्क क्यों नहीं पहना है. इस पर डीजीपी ने उनसे कहा कि मैं आपको सस्पेंड कर दूं. तो तुरंत सरकारी अधिकारी ने माफी मांगी और आइंदा से माफ करते हुए फिर आगे बढ़े।
बाइट-- गुप्तेश्वर पांडे डीजीपी बिहार
बिहार डीजीपी अचानक बेतिया के रोड पर सादे कपड़ो में घूमते एवं वाहनों की जांच करते नजर आए।
लोगो के बीच अपना परिचय आम लोगो जैसा दिया साथ ही कभी बोले की यहा के नए हाकिम है हम अभी आए है।
फिर क्या रोड पर बिना मास्क के घूम रहे लोगों की जमकर क्लॉस लगाई साथ ही लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में समझाया भी।
हेलमेट की भी जांच कर दिए बिहार डीजीपी।
डीजीपी बेतिया जिले के शाहोदरा थाना क्षेत्र का एक ऐसा गांव जहा पर आजादी के बाद 1947 के बाद आज तक गांव के किसी भी व्यक्ति पर किसी भी तरह की कोई प्राथमिकी दर्ज नही हुई है।
डीजीपी गांव में जाते ही सबसे पहले निम के पेड़ से एक दातुन लिया फिर रोड के किनारे आम लोगो की तरह ब्रश करने लगे
फिर गांव के लोगों से बातचीत की उनको धन्यवाद दिया की मुझे जब पता चला की इस गांव में आजादी के बाद से किसी भी तरह की विवाद नही हुई है और इस गांव के लोग अभी तक पुलिस थाने में भी नही गए है मैं अब जहा भी जाऊंगा तो इस गांव और गांववालों के बारे में सबको बताऊंगा।
की कैसे प्रेम भाव से लोग रहते है।
ऐसे है बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय जो ईतने बड़े औंधे पर होते हुए भी गांव में लोंगो के बीच मे जागरूक करते नजर आए
फिर एक घर मे घुसे और घर मे रखा हुआ चक्की (जाता) चलाने लगे फिर नमक के साथ सुखी रोटी और मिर्ची खाने लगे। बेतिया के योगापट्टी थाने में तैनात सिपाहि है नेहा कुमारी।
नेहा कुमारी को अचानक डीजीपी ने कर दिया फोन
कोरोना से लेकर अभी तक का जाना हाल चाल फिर उनके बताया की कैसे लोगो को जागरूक करना है तथा अपना भी बचाव करते हुए कानून का पालन करना है।

