किस-किसको मिलेगी स्कूल जाने की इजाजत
अभी नये नियम के अनुसार सभी को तत्काल परिसर में वापस नहीं बुलाया जाएगा। फिलहाल 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल जाने का विकल्प दिया गया है, वैसे उनके पास ऑफलाइन कक्षाओं में पढ़ने का भी ऑप्शन है।स्कूल केवल उन छात्रों के लिए खुलेंगे जिनके पास ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच नहीं है या दूसरी प्रॉब्लम्स का सामना कर रहे हैं।
वहीं कॉलेजों और कौशल संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों, पीएचडी के विद्वानों, स्नातकोत्तर छात्रों को परिसर में बुलाया जाएगा।ये उनकी पढ़ाई के व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।इसके बाद संस्थान चरणबद्ध तरीके से फिर से खुलेंगे।
क्या होगा मोड ऑफ एजुकेशन
अभी फिजिकल टीचिंग को लेकर न तो स्कूलों और न ही कॉलेजों को अनुमति दी गई है।दोनों की अभी ऑनलाइन शिक्षा जारी रखनी होगी और उन्हें एक हाइब्रिड मॉडल का पालन करना होगा।आधिकारिक नोटिस में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैंपसों में भीड़भाड़ से बचने के लिए स्कूलों और कॉलेजों दोनों को अपने एकेडमिक कैलेंडर को संशोधित करने के लिए कहा है।
खोले जाएंगे लैब
कॉलेजों में प्रयोगशालाएं खुली होंगी।प्रशिक्षु छह फीट की दूरी से उपकरण इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा जिमनैजियम सीमित क्षमताओं के साथ खुले रहेंगे और कॉलेजों और स्कूलों में स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। स्कूलों के लिए, सुबह की असेंबली की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्र आपस में कोई चीज शेयर नहीं कर पाएंगे।
कौन से कॉलेज और स्कूल खुलेंगे
जो स्कूल और कॉलेज कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं, वही सरकारी नियमों के अनुसार खुलेंगे।परिसरों के अंदर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को रहने की अनुमति नहीं होगी। बुजुर्ग, गर्भवती माताएं, ज्यादा बीमारियों वाले लोग जो हाई रिस्क में हैं, उन्हें परिसर में नहीं बुलाया जाएगा।
कैसे फिर से खुलेंगे स्कूल
सभी परिसरों को फिर से खोलने से पहले पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करना होगा। खासकर जिन परिसरों को COVID केंद्र बनाया गया था। उन परिसरों को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन वाले पदार्थों से साफ करना होगा।
फिर से खुलने वाले संस्थानों को फेस कवर, मास्क, वीजर्स, हैंड सैनिटाइजर आदि सहित व्यक्तिगत सुरक्षा का एक बैकअप स्टॉक रखने के लिए कहा गया है। कैंपस को नकद लेनदेन से बचने के लिए भी कहा जा सकता है और ई-वॉलेट आदि को बढ़ावा दिया जा सकता है।
