2009 और 2014 में टीम के कोच रहे रे जेनिंग्स ने क्रिकेट.कॉम से कहा, ''यदि मुझे पीछे देखना हो तो मैं कहूंगा कि किसी भी स्क्वायड में 25-30 खिलाड़ी होते हैं। यह कोच की ड्यूटी है कि वह सभी खिलाड़ियों को देखे। लेकिन विराट का अपना अलग प्लान होता था। वह कई बार टीम में अकेले दिखते थे, क्योंकि वे अयोग्य खिलाड़ियों का समर्थन करते थे। लेकिन इसके लिए आप कोहली को दोष नहीं दे सकते। मैं चाहता था कि कुछ खिलाड़ी कुछ खास परिस्थितियों में गेंदबाजी या बल्लेबाजी करें, लेकिन उनकी योजना कुछ और होती थी।''
जेनिंग्स की कोचिंग के दौरान आरसीबी ने बेस्ट खिलाड़ी देखे और टीम दो बार फाइनल में पहुंची। उन्होंने आगे कहा, ''आईपीएल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग है। छह सप्ताह के समय में कुछ खिलाड़ियों का चयन होता है और कुछ अनदेखे रह जाते हैं। जब मैं कोच था तो मुझे लगता था कि कुछ खिलाड़ियों को ज्यादा खेलना चाहिए था, लेकिन कोहली का नजरिया कुछ और था। लेकिन यह सब अतीत की बातें हैं, अब मैं आरसीबी को खिताब जीतते देखना चाहूंगा।''
उन्होंने कहा, ''हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि आईपीएल में मैच बहुत छोटे अंतर से जीते या हारे जाते हैं। यहां नीलामी भी बहुत अहमियत रखती है।" विराट कोहली की तारीफ करते हुए जेनिंग्स ने कहा, ''विराट कोहली के पास अविश्सनीय ब्रेन है। उनके मानक बहुत बड़े हैं। लेकिन कुछ बिंदुओं पर कोहली को ऐसा सलाहकार चाहिए, जो उन्हें गाइड कर सके। उन्हें एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में देखना सुखद होगा। उनका बेस्ट आना अभी शेष है।''
