संवाददाता: साबिर अली
पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत नरकटियागंज अनुमण्डल क्षेत्र के लौरिया प्रखण्ड मुख्यालय में करोड़ों रुपये खर्च कर नवनिर्मित प्रखंड व अंचल कार्यालय (आईटी सेंटर) समुचित उपयोग से पहले ही दरकने लगा है।
पश्चिम चम्पारण जिला के डीएम को हाल ही प्रधानमंत्री ने एक्सीलेंसी अवार्ड से सम्मानित किया है, अलबत्ता नवनिर्मित भवन में आई दरारें उनकी कार्यकुशलता में धब्बा के समान है। उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 21 जून 2021 को उपर्युक्त भवन का निर्माण उपरांत उद्घाटन राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री तारा किशोर प्रसाद और रेणु देवी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार ने किया।
उपर्युक्त भवन के निर्माण की गुणवत्ता का सहज अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि उद्घाटन के दशवें महीने में उसके दीवारो मे दर्जनों दरारें पड़ गयी हैं। उपर्युक्त निर्माणकार्य में दोषी जिला प्रशासन है या संवेदक यह यक्षप्रश्न है। निर्माण तो संवेदक कराता है, प्रथम दोषी, कनीय अभियंता की देखरेख होती है द्वितीय दोषी, उसके बाद निरीक्षण सहायक अभियंता और पर्यवेक्षण कार्यपालक अभियंता करते हैं।
अब पाठक व जिला पदाधिकारी ही स्पष्ट करेंगे कि पूरे प्रकरण में दोषी कौन है। उल्लेखनीय है कि भवन निर्माण विभाग ने उपर्युक्त विशाल भवन का निर्माण कराया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मात्र जून 2021में किया। सूत्रों ने बताया कि भवन निर्माण के क्रम में बताया गया कि भवन भूकंप रोधी है। उपर्युक्त विशाल भवन के एक तरफ प्रखंड कार्यालय है तो दुसरी तरफ अंचल कार्यालय। जिसमें विशाल सभा भवन का हॉल है, उपर चढने के लिये सिढी के साथ लिफ्ट की व्यवस्था भी है ।
ऐसे भवन में दरार आना करोड़ो की सरकार की योजना पर पानी फिरने की माफ़िक है। संवेदक का कहना है कि प्लंबर का काम भी मानक अनुरुप नही हुआ है। घटिया पाइप फिटिंग के कारण, पाइप फटने से पानी प्रखंड व अंचल कार्यालय में लग जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी काम हुआ है दरार होना बडी बात नही है।
सूत्रों ने बताया कि पुराने रेफरल अस्पताल को मात्र बीस वर्षों में जमींदोज होते देखा है। प्रबुद्धजनों का कहना है कि यहां योजना जनकल्याण नहीं बल्कि स्वकल्याण व पर्सनल कमीशन के लिये ही बनते हैं। इस सम्बंध मे बीडीओ आदित्य कुमार दीक्षित ने बताया कि दीवारो के दरार को उन्होंने देखा है। संवेदक पर विधिसम्मत कानुनी कार्रवाई की जाएगी।
