संवाददाता: साबिर अली
बेतिया से बखरिया पहुंची कोहड़ा नदी गंडक नहर के 62 आरडी पर क्रॉस कर के सिकरहना नहीं में मिल जाती है। कोहड़ा नदी के सिकरहना नदी में मिल कर अपनी प्राकृतिक स्थिति को प्राप्त करने में यहां के संधिस्थल 62 आरडी के जर्जर पुल से बेतिया नगर निगमक्षेत्र की भी निर्बाध जल निकासी बाधित है। उन्होंने निरीक्षण और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के हवाले से बताया कि बखरिया से आगे जाकर कोहड़ा के नाम से स्थापित चन्द्रावत नदी के सिल्ट जाम पड़े इस 62 आरडी पुल से जल निकासी बाधित है। जिसके कारण नगर निगम में शामिल पूर्ववर्ती बेतिया प्रखण्ड के कम से चार पंचायतों के साथ मझौलिया अंचल के तीन पंचायतों की जल निकासी दशकों से बड़ी समस्या होने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। श्रीमती सिकारिया ने बताया कि शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के भ्रमण के दौरान लोगों द्वारा जिला मुख्यालय के शहर से लेकर करीब 10 वर्ग किलोमीटर विस्तार वाले इस पूरे क्षेत्र का सघन दौरा करने के बाद उन्होंनो पाया है कि करीब चार दशक से जर्जर और सिल्ट से जाम इस पुल का जीर्णोद्धार या नवनिर्माण हो जाने के बाद सम्पूर्ण बेतिया नगर निगम क्षेत्र की जल निकासी की समस्या का समाधान हो जाएगा। नगर निगम की निवर्त्तमान सभापति ने बताया कि अगले कार्यकाल के लिए जनता का आशीर्वाद मिला तो लाखों की शहरी और ग्रामीण आबादी की इस विकट समस्या का त्वरित निदान की पहल को अपनी पहली प्राथमिकता में रखूंगी। बताते चलें कि चंद्रावत एवं कोंहड़ा नदी का अपहरण कर लिया गया है अतिशयोक्ति नहीं होगी यानी कि पूरी तरह से इन नदियों का अधिकांश भाग दशकों से अतिक्रमण कर लिया गया है इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता जिस को मुक्त कराना है सरकार एवं जिला प्रशासन के बूते से बाहर की बात हो गई है
