जामताड़ा से सेख समीम की रिपोर्ट
शुक्रवार को बिरग्राम बारबेन्दिया पुल निर्माण संघर्ष समिति द्वारा बराकर नदी घाट पर 15 वर्षों से अधूरे पुल का निर्माण कार्य पूरा करने एवं 1 साल पूर्व 24 फरवरी 2022 को नदी घाट पर नाव दुर्घटना में 14 मृत लोगों के शहादत को लेकर एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया । समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों द्वारा 14 शहीदों की याद में शोक व्यक्त किया गया एवं उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ भी मांगी गई। समिति के सलाहकार आबेदीन अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार के उदासीन रवैया के कारण पुल निर्माण कार्य 15 साल से अधूरा है। उन्होंने जामताड़ा विधानसभा के विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी के कथनों को दोहराते हुए कहा कि विधायक जी ने जनता से नाव दुर्घटना के दिन वादा किया था कि 1 साल के अंदर पुल नहीं बनवा सकूंगा तो इसी नदी घाट में अर्धनिर्मित पुल के ऊपर से छलांग लगा दूंगा। विदित हो कि 1 साल पूर्व आज ही के दिन इस नदी घाट पर निरसा से जामताड़ा की ओर आ रहे नाव में सवार 14 लोगों की जान चली गई थी। उन 14 लोगों के आस्रितों को मुआवजा सिर्फ 9 लोगों को आज तक मिल पाया है और 5 लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। जामताड़ा विधानसभा के स्थानीय विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी,निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता,झारखंड सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख,परिवहन मंत्री सह 20 सूत्री प्रभारी मंत्री चाम्पाई सोरेन , एवं राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन ने विधानसभा में 1 साल पूर्व ही पुल निर्माण पूरा करने की घोषणा भी किए हैं मगर स्थिति जस की तस है। बिरग्राम निवासी गुलजार अंसारी ने बताया कि मैथन डैम का पानी काफी ऊपर तक जमा होने के कारण सालों भर नदी घाट में पानी जमा रहता है। लोग रोजगार एवं अन्यान्य कार्यों के लिए मजबूरी में रोजाना जान को जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करते हैं। समिति द्वारा बार बार मांग पत्र सौंपा गया है पर धरातल पर काम नहीं हो सका है। समिति के सचिव एवं आरटीआई कार्यकर्ता मोहम्मद रफीक अंसारी ने कहा कि सरकार जांच और डीपीआर के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है जो सिर्फ कागजी खानापूर्ति है। समिति द्वारा पुल निर्माण के लिए आज पुनः याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव , ग्रामीण विकास मंत्री , झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष , निरसा विधानसभा के माननीय विधायक , महामहिम राज्यपाल झारखंड , मुख्य सचिव झारखंड , दुमका एवं धनबाद के लोकप्रिय सांसद सुनील सोरेन एवं पशुपतिनाथ सिंह , माननीय कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ,झारखंड परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को ज्ञापन भी भेजे हैं। उन्होंने बताया कि पुल बन जाने से जामताड़ा और निरसा की दूरी 70 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 25 किलोमीटर रह जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोलकपति मंडल ने कहा कि हमारे पूर्वजों का पुल निर्माण का सपना निकट भविष्य में हेमंत सोरेन की सरकार में पूरा होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पुल अगर पूर्ण हो गया होता तो नाव दुर्घटना नहीं होती। इस मौके पर गुलजार अंसारी ,निमाई चंद्र मंडल , मोहम्मद रफीक अंसारी , मोटा मुर्मू , मंतोष मंडल , प्रदीप कुमार मुर्मू , लालबाबू अंसारी , कीर्तन मंडल , वीरेंद्र मुर्मू , गोलकपति मंडल , सोमलाल मुर्मू ,दखिण मंडल,ईश्वर मुर्मू , फुरकान अंसारी,बलराम मुर्मू ,अजीत हेम्बरम,मुख्तार अंसारी, इमरान अंसारी,सरफराज अंसारी,खालिद अंसारी आदि लोग मौजूद थे !
