पूर्वी चंपारण मोतिहारी/The Royal News.
पूर्वी चंपारण : जिले के चिरैया प्रखण्ड अंतर्गत गोढ़िया गांव स्थित प्रसिद्ध मनोकामना मन्दिर सिद्धपीठ के रूप चर्चित मनोकामना धाम में शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तक श्रद्धालु फूल के बदले रुपयों की माला चढ़ाते हैं।
इस मंदिर में प्रति वर्ष एक करोड़ रुपयों का चढ़ावा चढ़ता है।
हराज पंचायत अन्तर्गत गोढ़िया गांव स्थित इस मंदिर में मत्था टेकने के बाद मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं द्वारा क्षमता के अनुरूप रुपयों की माला चढ़ाई जाती है। कई लोग अपने घर से गाजे-बाजे के साथ रुपयों की माला लेकर आते हैं। मंदिर के संदर्भ में कहा जाता है करीब 50 वर्ष पूर्व उक्त स्थल पर अनायास ही एक दुर्लभ किस्म का फूल उगा था। बाद में एक ग्रामीण को स्वप्न मिला कि यहां माता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से पूजन करते हैं। मनोकामना माई.... (सप्तमी, अष्टमी, नवमी तक) एक करोड़ से अधिक रुपयों की माला चढ़ाते हैं.... गत वर्ष यहां 85 लाख रुपये व 2021 में 1.10 करोड़ रुपये लोगों ने मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाया। मंदिर धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है। राशि मंदिर के खाते में जमा होती है। यहां माता का मंदिर चार मंजिल है। सभी पर संगमरमर की देवी-देवता की मूर्ति लगी हुई है। खासकर माता की एक बड़ी मूर्ति संगमरमर की है। ग्रामीणों ने बताया कि जय मनोकामना माता मंदिर की स्थापना 1983 में की गई। मां का मंदिर जिस स्थान पर है वहां पहले जंगल व सुनसान था।
