पूर्वी चंपारण मोतिहारी/The Royal News Express.
अभिषेक कुमार की रिपोर्ट।
मोतिहारी:- जनता दल यूनाइटेड का बिहार संवाद कार्यक्रम एमएस कॉलेज में आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम बुद्धिजीवी एवं युवाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा शामिल हुए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष मंजू देवी, तिरहुत प्रमंडल प्रभारी रोविन सिंह, विधायक शालिनी मिश्रा, विधान पार्षद विरेन्द्र नारायण यादव, पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद व विरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक मोहम्मद ओबैदुल्लाह, रजिया खातून, मीना द्विवेदी व शिवजी राय, पूर्व विधान पार्षद सतीश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे .कार्यक्रम की शुरुआत में मुखिया संघ के बंजरिया प्रखंड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में सैकड़ो लोगों को मनीष वर्मा ने जदयू की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करवाई। इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित व्यवसायी, चिकित्सक, इंजीनियर, वकील युवाओं और अन्य लोगों ने बिहार के विकास में आवश्यक मूलभूत बिंदुओं पर अपना विचार साझा किया तथा सरकार की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु अपने सुझाव भी दिये।उपस्थित बुद्धिजीवियों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए मनीष वर्मा ने कहा कि आज का युवा बिहार का भविष्य है। हम अपने युवाओं को जिस प्रकार से तैयार करेंगे, वैसा ही भविष्य बिहार का होगा। सरकार का एक सीमित दायरा होता है। सरकार और समाज दोनों मिलकर किसी भी राज्य का विकास सुनिश्चित करते हैं इसलिए नीतीश सरकार अपने तरफ से हर स्तर पर बिहार को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है, लेकिन हमें भी एक नागरिक होने के नाते समाज के प्रति अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि जो राज करता है, उसका दिल बड़ा होना चाहिए। हम सभी को अपने कमियों को ठीक करने हेतु लोगों को सुनना चाहिए। उनके उत्तम विचारों को सरकार तक पहुंचाना होगा। सभी को बोलने का अधिकार है, सरकार के कार्यों को समीक्षा भी हम सकारात्मक रूप से कर सकते हैं जिससे कि सरकार उन कमियों को दूर कर सके। उन्होंने कहा कि जब बिहार और झारखंड अलग हुए तो झारखंड में तो कुछ औद्योगिक इकाइयां थी, खनिज संपदा थी किंतु बिहार में मानव संपदा के अलावा कुछ नहीं था फिर भी 19 साल पहले नीतीश कुमार जी ने इस बिहार की गद्दी संभाली और आज यह स्थिति है कि बिहार झारखंड से भी आगे है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया का मानना है कि बिजली, सड़क आदि विकास के आधार जरूर हैं किंतु असली विकास वो होगा जब हम व्यक्ति को उसे अपने पैरों पर खड़ा कर देंगे, आत्मनिर्भर बनाएंगे। जब कमजोर से कमजोर बिहारी आगे बढ़ेगा तभी बिहार आगे बढ़ेगा। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इस कार्यकर्ता समागम के दौरान विभिन्न जिलों में विभिन्न गांवों और टोलों में जा रहा हूं, वहां मुझे ऐसे तबके दिखाई पड़ते हैं, जहां विकास की धारा को अभी और तेज करने की आवश्यकता है। सरकार सारी सुविधा दे रही है किंतु यदि हम स्वयं बच्चों को शिक्षित करने के लिए तैयार नहीं है तो यह समाज की भी जिम्मेदारी है कि हम वैसे लोगों को इस दिशा में तैयार करें। सरकार अनेकों प्रकार की योजनाएं शिक्षा क्षेत्र में चला रही हैं। प्रत्येक समुदाय, वर्ग, धर्म का बच्चा शिक्षित हो, इसके लिए हर व्यवस्था नीतीश कुमार ने बनाई है। हम अपने तरफ से आगे बढ़कर अपने बच्चों को उन सभी योजनाओं का लाभ दें, उन्हें शिक्षित करें तभी हमारा बिहार आगे बढ़ पाएगा। उन्होंने उपस्थित युवाओं को कहा कि आगे का बिहार उद्यमिता का बिहार है। हमें बस नौकरी के लिए प्रयास नहीं करना है। सरकार अपनी व्यवस्था अनुसार ही रोजगार दे सकती है और हमें नौकरी पाने वाला नहीं बनना है बल्कि नौकरी देने वाला बनना है। हमारे समाज में सरकारी नौकरी को लेकर ऐसी धारणा है कि उसके बिना कुछ है ही नहीं। हमें उसे सोच से बाहर निकलना पड़ेगा। हम आज के समय में अपना व्यवसाय कर सकते हैं, स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं, अपना एंटरप्राइज लगा सकते हैं जिससे कि हम स्वयं तो अपनी जीविका चला ही पाएंगे, साथ ही हम दूसरों की जीविका भी चलाने योग्य हो जाएंगे।हमारे बिहार राज्य के बड़ी संख्या के लोग अनेक बड़ी कंपनियों में बड़े-बड़े पदों पर काम कर रहे हैं तो हमारे बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है। यदि हम उस टैलेंट को अपने बिहार के विकास में लगाएंगे तो निश्चित ही बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। ताकत हम सब में है, हम सभी बिहारी में हैं। अन्य सरकारों ने बिहार को गर्त में ले जाने का काम किया। नीतीश कुमार जी ने फिर से बिहार को ऊपर उठाने का काम किया है। हम बिगड़ी हुई व्यवस्था को बदलना चाहते हैं लेकिन उस बदलाव में भी समाज का साथ आवश्यक है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हैं जो नई-नई पार्टी बनाए हैं और पूरे बिहार को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं, कहते हैं कि एक साल में बिहार का पूरा पलायन रोक देंगे। उनका कहना है कि बैंकों में जितना पैसा पड़ा है उससे सभी को लोन देकर पलायन को रोकेंगे। अरे मैं उनसे पूछता हूं, आपके पास कौन सी ऐसी जादू की छड़ी है जो 1 साल में पूरे बिहार का पलायन रोक देगी। पूर्व की सरकारों का दोषारोपण वर्तमान के सरकार पर करना, यही इनका काम बचा है। आज एक पार्टी के नेतृत्वकर्ता जिनके माता-पिता अपने राज में बिहार का कायाकल्प न करके, बिहार को जंगलराज में ढकेल दिया। उनका बेटा बिहार के विकास की बात करता है, ऐसे बहकाने और सपना दिखाने वाले लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।वहां उपस्थित छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर भी उन्होंने दिया तथा कहा कि बरगलाने वाले लोगों और पार्टी से दूर रहने की आवश्यकता है। हमसे पूर्व की सरकारों ने बिहार को गर्त में ले जाने का काम किया है, शिक्षा को गर्त में ले जाने का काम किया है नहीं तो बिहार आज जिस स्थिति में है, उससे कई गुना अच्छी स्थिति में होता। शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो इसलिए नीतीश कुमार ने अनेक योजनायें चलाई है क्योंकि उनका मानना है कि यदि आप बढ़ेंगे तो पूरा बिहार बढ़ेगा। बिहार को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं, यह हम सब की जिम्मेदारी है कि उसके लिए सोच और उस दिशा में कदम उठाएं। इसलिए हमें आवश्यकता है कि हम अपने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ को और मजबूत करें तथा पुनः उन्हें बिहार की सत्ता सौंपें। उक्त आशय की जानकारीजदयू जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने दी।
