मोतिहारी। मेहसी गौशाला रोड स्थित सामाजिक कार्यकर्ता एवं जेपी सेनानी अमर के निवास पर नगर पंचायत क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों की एक बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जयप्रकाश आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले समाज सेवी अमर एवं संचालन सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक रमेश कुमार सिंह ने किया। बैठक में विशेष रूप से मेहसी के लिए लाइफ लाइन माने जाने वाले मुख्य सड़क जो स्टेट बैंक चौक से आरंभ होकर गंज चौक तक होते हुए तेतरिया, मधुबन, राजेपुर सहित शिवहर व मुजफ्फरपुर सीमा को जोड़ती है- के जर्जर स्थिति, शोरा उत्पादन केंद्र,ऐतिहासिक गौशाला का जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण, सहित चौक बाजार स्थित पिजरापोल की सरकारी जमीन पर नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
निर्णय लिया गया कि संबंधित विभाग को सूचना देते हुए पुनर्निर्माण हेतु अवगत कराया जाए।
उस अवसर पर अमर ने कहा कि
मेहसी की ऐतिहासिक भूमि जहां कुटीर उद्योगों का जाल शिप बटन के रूप में, सोडा उत्पादन के रूप में , लीची उत्पादन के रूप में, शहद उत्पादन के रूप में, पीतल व बर्तन उत्पादन के रूप में, दरी उत्पादन के रूप में रही है। वहां की एकमात्र मुख्य सड़क जो नदी के उसे पर से लेकर प्रखंड मुख्यालय और रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। सीमावर्ती प्रखंड तेतरिया और मधुबन के भी अन्य पंचायतों का आवागमन यहीं से होता है, की स्थिति बहुत ही जर्जर और अत्यंत ही खराब है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से ग्रामीण विकास की यह सड़क मरम्मत के अभाव में करीब 3 किलोमीटर में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इसके सुधार के लिए संबंधित विभाग को ध्यान आकर्षण के लिए और तत्काल कार्रवाई के लिए पत्र लिखने का निर्णय लिया जाना चाहिए। मेहसी के नागरिकों द्वारा विभाग से इस दशा दिशा में अभिलंब कदम उठाने की मांग की गई। साथ में नागरिक सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यह पूरा नगर पंचायत के लिए शौचालय स्नान घर के सार्वजनिक निर्माण और मेहसी की पहचान जो अंग्रेजी काल से शोरा फैक्ट्री रहा है, रेलवे स्टेशन के ठीक सामने वाले जमीन जो बिहार सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत आता है, की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण और उसके भवन के जर्जर हालत पर भी चिंता व्यक्त की गई। वहां तत्काल प्रभाव से इंडस्ट्री डिपार्मेंट स्टार्टअप के लिए लीची जूस, पल्प, शहद उत्पादन, प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के लिए भी विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मेहसी गोरक्षणी गौशाला कैंपस में पशुपालन विभाग की ओर से मवेशी अस्पताल शुरू करने तथा गव्य विकास के लिए कदम उठाने की दिशा में भी विभाग का ध्यान मत्स्य एवं पशुपालन विभाग बिहार सरकार को पत्र लिखकर इस ओर आकर्षित करने की बात कही गई। श्री अमर ने कहा कि गौशाला के पास लगभग 11 बीघा जमीन है जहां मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र विकसित करने, नर्सरी विकसित करने और मधु मक्खी पालन इकाई स्थापित करने के साथ-साथ इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के स्टेशन समीप वाली जगह पर मार्केट कंपलेक्स बनाकर स्थानीय उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र इस्टैबलिश्ड करने के लिए बिहार सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु निर्णय लिया गया। बैठक को जिन महत्वपूर्ण साथियों ने संबोधित किया उनमें जेपी सेनानी सामाजिक कार्यकर्ता अमर, तारकेश्वर दुबे, रमेश कुमार सिंह, नजीबुर रहमान, मनोज कुमार, हामिद रजा,सुदिष्ट नारायण ठाकुर, अनिल कुमार सिंह, राजीव कुमार गुप्ता, मसीहुर रहमान, बी के बीरेंद्र, अविनाश राज चौरसिया, मोहन गुप्ता, नरेश प्रसाद लाल ,महेंद्र प्रसाद सिंह, आनंद प्रकाश सिंह, राकेश कुमार श्रीवास्तव ,मनोज मिली, शंकर चौधरी समेत अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किया।
सर्वसम्मति से उपरोक्त बिंदुओं पर संबंधित विभाग के ध्यान आकर्षण के लिए एक सामूहिक आवेदन पत्र सभी विभागों को भेजने का निर्णय लिया गया। जिसमें सड़क की ऊंचीकरण, चौड़ीकरण ,जल निकासी के मुद्दों सहित अन्य निर्णय लिए गए।


