मोतिहारी:-भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्र के बदलाव की मांग को लेकर मुंशी सिंह महाविद्यालय के छात्रों ने एक बड़ी पहल की है। छात्रों का कहना है कि वे आने-जाने की समस्या से जूझ रहे हैं, और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कॉलेज प्रतिनिधि आकाश कुमार तिवारी ने बताया कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। आकर्ष कुमार तिवारी ने कहा, “हमने पहले ही कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि मुंशी सिंह महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। यह केंद्र, आभा टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, दरियापुर में स्थित है, जो मुजफ्फरपुर स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। मोतिहारी से इस स्थान तक यात्रा करने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है, जिससे छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा में सम्मिलित होना मुश्किल हो रहा है।”उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय को पत्र भेजने की मांग की गई है, ताकि परीक्षा केंद्र को बदलकर छात्रों को सुविधा प्रदान की जा सके। उनका कहना था कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होता है, तो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन छात्र हित में बड़े आंदोलन की तैयारी करेगा।"हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय इस मुद्दे पर शीघ्र ध्यान दे और छात्रों के लिए एक ऐसे परीक्षा केंद्र का निर्धारण करे जो उनके लिए सुलभ हो। अगर प्रशासन इस विषय पर सकारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। हम छात्र-हित में इस लड़ाई को जारी रखेंगे," तिवारी ने कहा।ज्ञापन में इस बात की भी ओर ध्यान दिलाया गया है कि करीब 300 छात्रों का इस परीक्षा केंद्र पर नामांकन है, और यह समस्या केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है।वहीं, मुंशी सिंह महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।धरना प्रदर्शन की चेतावनी
छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर इस मुद्दे का समाधान शीघ्र नहीं होता है, तो वे आगामी दिनों में मुंशी सिंह महाविद्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद बड़े आंदोलन की योजना बनाई जाएगी। छात्रों का यह आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के नेतृत्व में आयोजित होगा और इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान करना है।आखिरकार, छात्रों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता है कि उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और उन्हें एक सुविधाजनक और सुलभ परीक्षा केंद्र मिले, ताकि वे अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें।


