अमर शहीद रामर्षि देव “ऋषि जी” की 121वीं जयंती के अवसर पर अरेराज में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी संगठन एवं स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान ऋषि परिवार की ओर से उपस्थित सम्मानित व्यक्तियों को शॉल, गांधी टोपी एवं चरखा प्रदान कर उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महंथ शिव शंकर गिरी महाविद्यालय के सभागार में किया गया, जहां विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर एक विशेष स्मारिका (पत्रिका) का विमोचन भी किया गया, जिसका संपादन मेघना मिश्र द्वारा किया गया था। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के तहत देशभक्ति गीतों और रामधुन ने कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सम्मान देते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का भी कार्य करते हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े परिवारों को एक मंच पर लाकर उनकी विरासत को संरक्षित किया जाए।
ज्ञात हो कि अरेराज के ममरखा निवासी रामर्षि देव “ऋषि जी” ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
समारोह के समापन पर आयोजन समिति की ओर से सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में पिछले तीन महीनों से कई लोगों ने निरंतर प्रयास किया, जिनमें उषा त्रिवेदी, निशा पाण्डेय, संगीता मिश्र, वेदान्त (आभा मिश्रा), मिथिलेश कुमार वर्मा, संत कुमार वर्मा, अनिल प्रसाद, किशोर पाण्डेय, अमिता निधि, चन्द्रिका महतो, राजू तिवारी (पुरन्दरपुर) एवं विजय अमित प्रमुख रूप से शामिल रहे।

