National Students’ Union of India (NSUI) ने मुंशी सिंह महाविद्यालय परिसर में वर्षों से संचालित एक साइबर कैफे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि उक्त साइबर कैफे बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया एवं स्पष्ट अनुमति के संचालित किया जा रहा है।
NSUI के कार्यकर्ताओं का कहना है कि न तो किसी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की गई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि महाविद्यालय प्रशासन को इससे कोई राजस्व प्राप्त हो रहा है।
इस संबंध में NSUI कॉलेज अध्यक्ष आकर्ष कुमार ने कहा—
महाविद्यालय परिसर में किसी भी निजी संस्था का संचालन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। यदि नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो यह गंभीर विषय है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आगे कहा कि इस विषय को पूर्व में भी महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है।
NSUI ने मांग की है कि—
साइबर कैफे के संचालन की वैधता की जांच की जाए
अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो
भविष्य में सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से की जाएं
NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन इस मुद्दे को उच्च स्तर तक ले जाएगा और आंदोलन करने को बाध्य होगा।मौके पर अमन चौबे, विनीत कुमार सिंह उपस्थित थे।

