हरसिद्धि
प्रखंड मुख्यालय के समीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरसिद्धि में कई वर्षों से टीके स्वास्थ्य कर्मी अपनी मनमानी करने से बाज नही आते।हरसिद्धि स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे भी कर्मी हैं जो लगभग 18 वर्षों से अधिक दिनों से इसी केंद्र में बने हुए हैं लेकिन इनकी इतनी पहुंच है जिसके चलते इनकी ट्रांसफर यहां से नहीं हो पा रही जिसका फायदा उठाकर अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आते। ऐसे गर्मियों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कंपाउंडर विश्वनाथ प्रसाद जो लगभग जब से यहां का प्रभार संभाला तब से आज तक यह देखा जा रहा है यह समाज में एक चर्चा की विषय बनी हुई है।
बताते चलें रविवार के दिन हॉस्पिटल परिसर में जब एक कैदी को पुलिस वालों ने कुरौना जांच के लिए लेकर आया तो हॉस्पिटल में कंपाउंडर साहब गायब थे आनन-फानन में यदा-कदा की स्थिति में किसी व्यक्ति से जांच करवाकर कर शादी को निगेटिव करार किया गया।
हद तो तब हो गई जब विश्वनाथ प्रसाद से उक्त सभी बातों की जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया जब मन नहीं लगता तो हम लोग छुट्टी मनाने निकल जाते हैं।
हालांकि कंपाउंडर की अनुपस्थिति की जानकारी जब अन्य कर्मचारियों से ली गई तो सभी कर्मियों ने बताया की कंपाउंडर साहब की ड्यूटी है किंतु वह अपने ड्यूटी पर अनुपस्थित हैं उनकी जब इच्छा होती है तो आते हैं जब इच्छा होती है तो जाते हैं।
पीएचसी हरसिद्धि के चिकित्सा प्रभारी पी के पी सिंह से उक्त विषय के बारे में पूछा गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।
सवाल यह उठता है की क्या ऐसी व्यवस्था से मरीज कितना लाभ उठा पाते होंगे। यदि ऐसी लचर व्यवस्था को अंधेर नगरी चौपट राजा नहीं कहा जाए तो शायद मिथ्या ही होगी।

