एक ऐसा शहर जिसने लोगों को हर वो चीज दी है जिसकी तलाश में वो यहाँ आते हैं।लोगों को उनकी योग्यता और मेहनत का भरपूर इनाम मिलता है।जो जिस लायक है उस लायक नौकरी भी मिल जाती है, यानी यह संभावनाओं का शहर है,किसी को निराश नहीं करता।यह शहर किसी को भूख से नहीं मरने देता बशर्ते इंसान अव्वल दर्जे का निकम्मा ना हो।
देश की सबसे बेहतर मेडिकल फैसिलिटी यहां उपलब्ध है।बाकी जगहों से निराश हो चुके लोग यहां आकर जीवनदान पाते हैं।चकाचक सड़कें हैं, जहां गाड़ियां चलती नहीं बल्कि उड़ान भरती हैं।बेहतर शिक्षा व्यवस्था है,मनोरंजन के एक से बढ़कर एक आधुनिकतम साधन हैं।आगे बढ़ने के भी ढेरों मौके हैं।,यानी बेहतर जीवन जीने के सारे मौके यह शहर देता है, फिर भी लोगों को इससे प्यार नहीं है।अब तक आप को लग ही गया होगा कि आखिर हम किस शहर की बात कर रहे थे।
जी हां, देश की राजधानी दिल्ली जिसने ना जाने कितने सपनों को पंख लगाएं हैं,कितनी जिंदगी में रंग भरे हैं, लोगों ने इसे बेरंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है।देश के विभिन्न प्रान्तों से आये लोगों ने इसकी सम्पदा का भरपूर उपयोग कर लिया है,लेकिन जब बात भावनात्मक लगाव की आती है तो सब इससे कन्नी काट जाते हैं।सबको अपने राज्य और क्षेत्र की याद आती है और पालन पोषण करने वाले इस राज्य को सब भूल जाते हैं, इसमें ढेरों बुराइयां निकालते हैं और अपने क्षेत्र विशेष के गुण गाते नहीं थकते।तो जिस राजधानी दिल्ली का दिल सबके लिए धड़कता है, उसके लिए किसी का दिल नहीं धड़कता।और सबको क्षत्रछाया और रोजी रोटी देने के बावजूद यह शहर लोगों को बेगाना से लगता है, बावजूद इसके कि यह बाहें पसार के आने वालों का स्वागत करता है।
