संवाददाता: साबिर अली
बगहा के हरनाटांड़ PHC में बीते तीन दिनों में कुत्ता कटने के 37 मामले आए हैं। कुत्ता काटने के बढ़ते मामले से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इसे लेकर लोगों द्वारा लगातार इसकी शिकायत प्रशासन से की जा रही है। कुत्तों की आबादी में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है। हरनाटांड़ स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को देख रहे पूर्व प्रभारी डा. राजेश सिंह नीरज ने कहा कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन कुत्ते के काटने के करीब 10 से ऊपर मामले सामने आ रहे हैं।
हरनाटांड के चिकित्सा प्रभारी डॉ. के बी एन सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को 13, 25 फरवरी को 14 व 26 फरवरी को 10 मामले सामने आए हैं। पीएचसी हरनाटांड़ में एंटी रेबीज का इंजेक्शन भरपूर मात्रा में मौजूद है। जितने लोग भी आए हैं उनको एंटी रेबीज का इंजेक्शन दिया गया है। लोगों को कुत्तों से सतर्क रहने के लिए सलाह भी दिया जा रहा है। लोगों से अपील भी किया जा रहा है कि डॉग बाइट होने के साथ ही इंजेक्शन ले लें।
डिप्रेशन में आकर कुत्ते कर रहे हैं लोगों पर हमला
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया ( WTI ) के फील्ड ऑफिसर मरिफतुल हक ने बताया कि जाड़े का मौसम कुत्तों के लिए मीटिंग का मौसम होता है। उस मौसम में कुत्ते खाने-पीने की चिंता छोड़ देते हैं। जैसे ही मौसम बदलता है। उन्हें एनर्जी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में भूख और प्यास ज्यादा लगने लगता है। इस अवस्था में कुत्ते डिप्रेशन में चले जाते हैं। जिसके कारण डॉग बाइट्स की घटनाएं ज्यादा होती है। हालांकि 3 दिनों में जो घटना हुई है यह बड़े पैमाने पर है। इसका मतलब है कि कुछ कुत्ते ज्यादा डिप्रेशन में चले गए हैं।