संवाददाता: साबिर अली
बगहा से कर्नाटक गए 14 मजदूरों को बंदी बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बगहा के चम्पापुर, गोनौली व मिश्रौली से 14 मजदूरों को स्थानीय ठेकेदार कर्नाटक ले गया था। बताया जा रहा है कि होली के पहले से मालिक ने मजदूरों को बंदी बना लिया था। जहां वे दिन-रात मजदूरी करते थे। होली के पहले मजदूर घर आना चाहतेे थे, जिसे लेकर मजदूरी मांगना शुरू किया। इसके बाद मालिक ने मजदूरी देने से बिल्कुल मना कर दिया।
मालिक ने बताया कि चम्पापुर निवासी सुरेंद्र यादव नामक ठेकेदार के द्वारा इन मजदूरों को वहां पहुंचाया गया था। उस ठेकेदार ने पहले ही 7 लाख 60 हजार रुपया भुगतान ले लिया है। उस पर बाकी पैसों केेे एवज में खेतों में काम करना पड़ेगा। मजदूरों का कहना है कि उन्हें तकरीबन 6 माह से मजदूरी नही मिली है।
विरोध करने पर बना लिया बंधक
कर्नाटक से लौटे मजदूर चंदन कुमार, निरंजन कुमार, राजेश राम आदि ने बताया कि मालिक जैसे ही घर जाने की बात सुना, सभी लोगों को बंदी बना लिया। मोबाइल को जब्त कर लिया गया। अलग-अलग कमरे में तीन-तीन लोगों को कर बंद किया जाने लगा। मजदूरों ने बताया कि सुबह गन्ना के खेत में ले जाकर सभी लोगों को छोड़ दिया जाता था और शाम को पुनः लाकर रूम पर रख दिया जाता था।
मजदूरों ने दूसरे के फोन से गांव में दिया सूचना
बंधक बनाए जाने की सूचना मजदूरों ने अपने परिजनों को दिया। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय थाना वाल्मीकिनगर में इसकी शिकायत किया लेकिन जब थाना ने उनके इस बात को गम्भीरता से नहीं लिया तो ग्रामीणों ने स्थानीय संगठन बापू धाम ट्रस्ट के सचिव व आईएएस अधिकारी एपी पाठक को दिया। एपी पाठक ने बिहार सरकार व कर्नाटक पुलिस को संपर्क कर मामले की जानकारी दिया। इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने मजदूरों को मुक्त कराया। आरपीएफ इंस्पेक्टर गोविंद सिंह ने बताया कि 14 मजदूरों के आने की सूचना मिली थी।