संवाददाता: सब्बीर अल्ली
बलथर थाना में अनिरुद्ध यादव की मौत की सच्चाई का बेतिया पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर घटना से पर्दा उठाने का प्रयास किया। जिसमें पुलिस अधीक्षक उपेन्द्रनाथ वर्मा के द्वारा बताया गया कि भले ही सीसीटीवी तोड़ दिया गया पर उसका मेमोरी बाॅक्स सुरक्षित है जिसमें 19 मार्च होली के दिन पीड़ित अनिरुद्ध यादव जो कि सफेद रंग का हाफ टी शर्ट जिसके पिछले हिस्से पर लाल रंग लगा हुआ है और ग्रे रंग का घुटने तक का पैंट पहने हुए थाने के सीसीटीवी में उसकी सभी हरकतें स्पष्ट दिखाई दे रही है।
पुलिस अधीक्षक उपेन्द्रनाथ वर्मा ने आगे बताया कि थाना परिसर के मुख्य द्वार पर लगे सीसीटीवी के फुटेज के अनुसार अपराह्न 1 बजकर 27 मिनट 34 सेकंड पर पीड़ित अनिरुद्ध यादव द्वारा स्वयं डीजे वाहन चलाकर थाना परिसर के मुख्य द्वार से थाना आगमन हुआ। उसके बाद अपराह्न 1 बजकर 28 मिनट 49 सेकंड पर थाना भवन के सामने बरामदा में आगमन होता है।
पुनः थाना परिसर में लगे चापाकल के पास की सी0सी0टी0वी0 फुटेज में 1 बजकर 29 मिनट पर थाना भवन के बाहरी हिस्से के सीढ़ी के पास आगमन हुआ। फिर अनिरुद्ध यादव 1 बजकर 30 मिनट 10 सेकंड पर परिसर में लगे चापाकल के पास जाते हैं। जहाँ से 1 बजकर 32 मिनट 10 सेकंड पर चापाकल से वापस थाना भवन के बाहरी हिस्से में आते हैं। एक बार फिर 1 बजकर 33 मिनट 11 सेकंड पर दोबारा चापाकल पर पानी पीने के लिए जाते हैं। पानी पीकर चापाकल के पास से 1 बजकर 34 मिनट 02 सेकंड पर अपने पैरों पर से कुछ हटाते हुए थाना बरामदा के तरफ आते हैं। वहीं बरामदा में 1 बजकर 34 मिनट 17 सेकंड पर पैरों को खुजलाते हैं। साथ ही 1 बजकर 34 मिनट 52 सेकंड पर पीड़ित द्वारा बरामदा में अपने पैंट के पाॅकेट से फोन निकालते हैं। फिर 1 बजकर 35 मिनट 37 सेकंड से 1 बजकर 36 मिनट 40 सेकंड तक मोबाइल पर बात करते नजर आते हैं।
अब घटनाक्रम का महत्वपूर्ण सी0सी0टी0वी0 फुटेज जो बेतिया पुलिस के द्वारा जारी किया गया है वो है कि 1 बजकर 39 मिनट 05 सेकंड पर तीसरी बार पीड़ित पानी पीने जाता है और कुछ ही सेकेन्ड बाद 1 बजकर 39 मिनट 38 सेकंड पर अपने कंधे के ऊपरी हिस्से के तरफ तेजी से हाथ झाड़ते हुए मधुमक्खियों को भगाने की कोशिश करते हुए चापाकल से भागते दिखते हैं। भागते हुए 1 बजकर 39 मिनट 51 सेकंड पर बरामदा में लगे मोटरसाइकिल के पास बैठकर मधुमक्खी से बचने की कोशिश करते हैं। ठीक उसी समय 1 बजकर 41 मिनट 01 सेकंड पर एक थानाकर्मी द्वारा मधुमक्खी से बचने के लिए एक नीले रंग का कम्बल पीड़ित के तरफ फेंका जाता है, जिसे पीड़ित द्वारा अपने ऊपर ओढ़ लिया जाता है।
वहीं 1 बजकर 43 मिनट पर थाना परिसर मुख्य द्वार के पास मधुमक्खी को भगाने के लिए धूंआ किया जाता है। और 1 बजकर 43 मिनट 19 सेकंड पर एक और कम्बल दिया जाता है। उसके पश्चात पीड़ित मधुमक्खी से बचने के लिए नीले कम्बल ओढ़े धुंआ के तरफ 1 बजकर 45 मिनट 40 सेकंड पर भागता नजर आता है। तत्पश्चात 1 बजकर 56 मिनट पर पीड़ित को इलाज हेतु पीएचसी सिकटा ले जाते हुए प्रस्थान देखा गया।
वहीं सीसीटीवी कैमरे के उस एंगल की जांच की गई जो कि हाजत की तरफ लगा हुआ था तो वो 1 बजकर 18 मिनट 54 सेकंड से लेकर 1 बजकर 59 मिनट 56 सेकंड तक किसी भी व्यक्ति को हाजत में नहीं लाया गया।
बेतिया पुलिस अपने सीसीटीवी फुटेज से भले ही अनिरुद्ध यादव की मौत की गुत्थी सुलझाने व मधुमक्खी पर अपनी पूरी सफाई दे रही है परन्तु अभी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आना बाकी है जिससे यह पूरी तरह से साफ हो सकती है कि आखिर अनिरुद्ध यादव की मौत पुलिस हिरासत में हुई कैसे? पूरे मामलों पर से पर्दा उठाना बेतिया पुलिस के लिए अपनी शाख बचाने जैसा है क्योंकि इस घटना के बाद बेतिया पुलिस पर कई प्रश्न चिन्ह उठ रहे हैं। जिसके कारण मौत का खुलासा होना अत्यंत महत्वपूर्ण है