संवाददाता: साबिर अली
पश्चिम चम्पारण के बेतिया फकीराना सिस्टर्स सोसाइटी, बानुछापर में बाल मजदूरी उन्मूलन को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें जिले के मीडिया कर्मियों के साथ सिस्टर सरोज, निदेशिका, सिस्टर एलिस व परियोजना समन्वयक मो. कलाम अंसारी ने अपना अपना विचार प्रकट किया। जिस संदर्भ में पावर पाॅइंट के माध्यम से परियोजना समन्वयक मो. कलाम व्दारा परियोजना के मुख्य उपलब्धियां की जानकारी प्रदान की गई।
वहीं इस विषय पर प्रकाश डालते हुए निदेशिका सिस्टर सरोज ने मीडिया का स्वागत करते हुए कहा कि यदि बाल विवाह और बाल मजदूरी पर हम सभी परिचर्चा के माध्यम से कार्य योजना को तैयार कर लें तो जिले से इन दोनों कुरीतियों की समस्या पर अंकुश लगाने में सफलता पाया जा सकता है।
वहीं मो. कलाम अंसारी ने कहा कि “काम:- बच्चों का व्यवसाय नहीं” परियोजना एक बहुदेशीय संयुक्त पहल है जिसके द्वारा 2025 तक बाल श्रम के सभी रूपों को समाप्त करने के लिए एक पहल शुरू की गई है। फकीराना सिस्टर्स सोसाइटी बेतिया द्वारा डबलूएनसीबी परियोजना अंतर्गत बाल मजदूरी एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं ताकि कामकाजी बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से बचाया जा सके।
वहीं उपस्थित विभिन्न मीडिया के पत्रकारों के द्वारा संस्था को आश्वासन दिया गया कि उनके इस सकारात्मक पहल में पूरी निष्ठा व ईमान से समाज के सामने बाल समस्याओं को लाया जाएगा। जब बाल मजदूरी से संबंधित समस्याओं को एक जूटता से उठाया जाएगा तो समाज, सरकार और परिवार बाल मजदूरी के खिलाफ जागेगी और बाल मजदूरी जरूर मिटेगी। बच्चों में जागरूकता लाने जैसे कार्यक्रमों व समाचारों से शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं संस्था से यह निवेदन किया गया कि बच्चों को कौशल शिक्षण केंद्र से जोड़ने एवं युवाओं को रोजगार के अवसर तलाशने में सहयोग किए जाने की जरूरत है। जिससे बाल मजदूरी मिटाने में यह सार्थक कदम बनेगा।
कार्यक्रम में उपरोक्त लोगों के साथ केविन विलियम, विनोद कुमार, आरती देवी, आशिया प्रवीण एवं रूपेश ने अथक प्रयास किया। जिसमें उपस्थित मीडिया कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।
