संवाददाता: साबिर अली
बीटीआर के जंगल से झुंड के झुंड निकले जंगली गाय एवं नीलगायों ने जंगल के किनारे बसे गांव एवं दियारा के गांव में इन दिनों तबाही मचा रखा है। वहीं सैकड़ों एकड़ खेतों में लगे गन्ने की फसल को बर्बाद करना शुरू कर दिया है। जिससे किसानों को भारी क्षति हो रही है। लेकिन इस मामले में वन विभाग संवेदनहीन बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार बताया जाता है वीटीआर के जंगल से घास एवं पर्याप्त मात्रा में पानी के अभाव तथा जंगलों में आजकल आग लगने के कारण ये जानवर रिहायशी इलाकों के तरफ अपना रुख कर रहे हैं और झुंड के झुंड में निकल कर गन्ना की नई फसल को सफाचट कर जा रहे हैं, क्योंकि गन्ना कि नई फसल मुलायम तथा मीठा होता है।
सूत्रों के अनुसार बगहा-02 प्रखंड के रजही, रजहवा ,मदनपुर, सेमरा ,लबदाहां, पिपरासी, ओझवलिया, बलुआ ठोरी, सोहगी बरवा, मधुबनी
पंचायत सहित बैरिया, लौरिया एवं योगापट्टी प्रखंड के कई गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। बताते चलें कि नीलगाय 6 माह एवं जंगली गाय 11 माह पर बच्चा देती है। जिसके कारण इनकी जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। स्थानीय सूत्र बताते हैं कि इस संबंध में प्रभावित किसानों के द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से वन विभाग को सूचना दी गई है लेकिन वन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है
