संवाददाता: साबिर अली
मुख्यालय डीआरसीसी सभागार मे खरीफ महाअभियान-सह-जिलास्तरीय कर्मशाला का आयोजन किया गया। उक्त महाअभियान एवं कर्मशाला का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर जिलाधिकारी कुंदन कुमार व अन्य गणमान्य लोगो द्वारा किया गया।इस मौके पर जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने उपस्थित किसान भाईयो को संबोधित करते हुए कहा की उर्वरक का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल से पैदावार व उर्वरक शक्ति बढ़ेगी ।ससाथ ही कहा की कृषि एलायड क्षेत्रों में किसान रुची लेकर ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का उपयोग करें । वही जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । जो गाँव-गाँव जाकर खरीफ फसलों के उत्पादन की उन्नत तकनीक सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को देगा । बतादें की
खरीफ महाअभियान-सह-जिलास्तरीय कर्मशाला में जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने आगे कहा कि हर साल हम सभी खरीफ महोत्सव का आयोजन करते है यह गर्व की बात है । वैज्ञानिकों एवं किसानों के प्रयास के कारण आज इतनी बड़ी आबादी के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता बनी हुई है । उन्होंने कहा कि पैदावार को और ज्यादा कैसे बढ़ाया जाय, किसानों की समस्याओं का निराकरण कैसे किया जाय,इस बाबत सभी को समन्वित प्रयास करना चाहिए । उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के अलावा चंवर तालाब का उपयोग कृषि क्षेत्र में किया जा रहा है। मखाना की खेती की जा रही है। जिले में एक्सपेरिमेंट के तौर पर मखाना का बंपर उत्पादन हुआ है। लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती हो रही है। मखाना के लिए मार्केट लिंकेज की व्यवस्था है। जिले के किसान परंपरागत खेती के अलावे इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और मखाना की खेती कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि चम्पारण क्रांति की धरती है। इस क्षेत्र में भी क्रांति की आवश्यकता है। स्वायल हेल्थ कार्ड के आधार पर कौन सा उर्वरक कितनी मात्रा में खेतों में डालना है यह जानकारी लेकर ही उर्वरक का प्रयोग करें। उर्वरकों के बेतहाशा प्रयोग से खेतों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है। स्वायल हेल्थ कार्ड के आधार पर उर्वरक आदि का प्रयोग करने पर उर्वरक की कमी नहीं होगी। फसलों की पैदावार अच्छी होगी। खेतों की उर्वरा शक्ति बेहतर से बेहतर होगी और फसल अच्छे होंगे। उन्होंने कहा कि सभी को केमिकल उर्वरक से ऑर्गेनिक उर्वरक की ओर बढ़ना होगा। ऑर्गेंनिक उर्वरक के प्रयोग से फायदे ही फायदे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एलायड क्षेत्रों मधुमक्खी पालन, फिशरिग, मशरूम, स्ट्रॉबेरी आदि में किसानों को दिलचस्पी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर को लेकर सरकार द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जाती है। फर्टिलाइजर एवं बीज वितरण आदि कार्यों में गड़बड़ी पर कार्रवाई भी की जायेगी। जिलाधिकारी ने कृषकों से कहा कि खरीफ महाअभियान-सह-जिलास्तरीय कर्मशाला का लाभ उठायें और अच्छे तरीके से खेती करें।
