संवाददाता: साबिर अली
मामला बगहा अनुमंडल के बगहा दो की है जहां पर गंडक को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वरीय अधिकारी का आदेश मिला था। गंडक को 28 अप्रैल 2022 को वरीय अधिकारी के आदेश पर अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया ।
लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टी एवं भू माफिया के दबाव पर गंडक के बगल में बसे 8 से 10 लोगों की घर को 29 अप्रैल को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया। जब वहां पर रह रहे लोगों ने विरोध किया तो उन्हें डरा धमका कर वहां से भगा दिया गया कि तुम लोग अगर नहीं माने तो सभी के ऊपर एफ आई आर दर्ज किया जाएगा नहीं तो आप लोग शांति पूर्वक घर को तोड़ने दीजिए।
जबकि गंडक के बाउंड्री के सटे बगल में नगर परिषद का नाला है जो कि रेलवे में जाता है। उसके बाद यह लोग पूर्व के 100 सालों से वहां अपना आशियाना बनाकर अपने बच्चे एवं बच्चियां का पेट पाल रहे थे लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टी को इनका खाना और रहना अच्छा नहीं लगा और इनके घरों को उजाड़ कर अपना रोटी सेकने में जुट गए।
अतिक्रमण मुक्त कराने की नोटिस गंडक मे रह रहे लोगों को देना था लेकिन इसी लहर में गंडक के साथ साथ इन लोगों को भी थमा दिया गया। जबकि यह जमीन केसरी हिंद का है और यह लोग पिछले 100 वर्षों से रहते आ रहे हैं।अब यह लोग कई राजनीतिक पार्टियों के पास एवं वरीय पदाधिकारियों के पास जाकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी इनकी एक नहीं सुनी और सड़क पर भटकने के लिए महिलाएं सहित बच्चे एवं बच्चियों को छोड़ दिया।
वहीं शत्रुघ्न पटेल ने बताया कि मेरी बेटी का शादी 18 मई को है। हमने सीओ साहब से कहा था कि मेरे बेटी का शादी बीत जाने के बाद आप लोग जो करना होगा कीजिएगा लेकिन उन लोगों ने अपने पावर का धौंस दिखाते हुए हम गरीबों की एक भी नहीं सुने। जबकि ओभर ब्रीज बनाने के लिए जितना जमीन ठेकेदार के द्वारा एवं इंजीनियर के द्वारा नापी किया गया था उतना जमीन हम लोगों ने पहले ही छोड़ दिया था अब हम लोगों के सामने का जो जमीन है जिस पर लोग सरकारी जमीन को अपना निजी जमीन बताकर पक्का निर्माण किए हुए हैं उस पर कोई भी नोटिस या उस पर कार्यवाही कर अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और हम गरीब लोगों का जो कमाने और खाने की जगह थी, उस जगह पर बने मड़ई एवं मंडप को जेसीबी से तोड़ दिया गया।
अब हम लोग नरकटियागंज पिपरा दिउलिया वार्ड नंबर 25 में माले पार्टी के कार्यालय में पहुंच कर न्याय की गुहार लगा रहे है क्योंकि हमने सभी पार्टियों के पास जाकर अपना दुखरा सुनाया लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला अब हम लोग माले की शरण में आए हैं। यह गरीबों की पार्टी है और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ती है और हम लोग को यहां से न्याय जरूर मिलेगा।
