संवाददाता: साबिर अल्ली
बेतिया। जिलाधिकारी, कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत गठित जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस बैठक में माननीय विधायक, श्री विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता सहित अन्य सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत दर्ज मामलों का त्वरित गति से निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाय। इसके अंतर्गत पीड़ित परिवारों/व्यक्तियों को दी जाने वाली पेंशन राशि, यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, भरण-पोषण व्यय, परिवहन भत्ता सहित मुआवजा राशि का ससमय भुगतान कराना सुनिश्चित किया जाय।
उन्होंने निदेश दिया कि नोडल पदाधिकारी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम प्रतिदिन दर्ज कांडों की समीक्षा करेंगे तथा प्रतिवेदन संकलित करते हुए विभाग को ससमय उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि अनुमंडल स्तर पर गठित अनुमंडल स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक निर्धारित रोस्टर के अनुरूप अनिवार्य रूप से कराया सुनिश्चित किया जाय।
समीक्षा के क्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी, श्री मनोज कुमार द्वारा बताया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अंतर्गत विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में पीएफएमएस एवं सीएफएमएस पर कुल-5120000.00 रूपये आवंटन प्राप्त हुआ है। पीएफएमएस पर प्राप्त आवंटन से दिनांक-18.05.2022 तक 61 पीड़ित/पीड़िताओं के बैंक खाते में 4042500.00 रूपये तथा 11 पेंशनधारियों (मृतक के आश्रित) के बैंक खाते में माह जनवरी 22 से अप्रैल 22 तक का पेंशन 157500.00 रूपये अंतरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में कुल सात पेंशनधारियों को ही हत्या के मामले में पेंशन का भुगतान किया जा रहा था, चार नये हत्या के मामले में उनके आश्रितों को अनुमंडल पदाधिकारी के स्वीकृति के उपरांत माह अप्रैल 2022 से पेंशन की राशि का भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 (1989 का 33) की धारा 23 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों एवं नियम 1995 के नियम 11 के तहत अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति, उसके आश्रितों तथा साक्षियों को यात्रा भता, दैनिक भता, भरण पोषण व्यय और परिवहन सुविधाएं देने हेतु प्रावधानित है। उक्त के तहत कुल-15 लाभुकों को यात्रा भता, दैनिक भता, भरण पोषण व्यय एवं परिवहन भता से लाभान्वित किया गया है।
मुआवजा प्रस्ताव की समीक्षा के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि दिनांक-01.01.2022 से प्रथम बैठक तक पुलिस अधीक्षक, बेतिया/बगहा से कुल 65 मुआवजा प्रस्ताव भुगतान हेतु अनुशंसा के साथ प्राप्त हुआ है, जिसे स्वीकृति हेतु अनुमंडल पदाधिकारी के यहां भेजा गया था। अनुमंडल पदाधिकारी के यहां से स्वीकृति के पश्चात 61 पीड़ितों को मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी गयी है तथा शेष 04 प्रक्रियाधीन है।
जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम के कार्यान्वयन के अनुश्रवण हेतु एनआइसी के द्वारा विकसित पोर्टल के संबंध में ऑनलाइन प्रशिक्षण कराया गया है। उक्त पोर्टल पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अंतर्गत दर्ज मामलों एवं भुगतान से संबंधित पूर्ण विवरणी उपलब्ध होगी।
जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेश दिया कि उक्त पोर्टल पर अपडेशन कार्य अद्यतन रखा जाय। साथ ही दर्ज मामलों एवं भुगतान का लगातार अनुश्रवण किया जाय।
