ऑल इंडिया पासमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश मीडिया प्रभारी मौलाना अब्दुल रकीब अंसारी ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के गठन से लेकर- आज तक, उप्र का 16% पसमांदा मुसलमान वोटर, पार्टी का सबसे भरोसेमंद और वफादार वोटर रहा है हैरानी की बात ये है कि नई संशोधित लिस्ट में भी, 16% पसमांदा मुसलमान वर्ग से, पार्टी का कोई राष्ट्रीय महासचिव या राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नहीं ऐसे सारे महत्वपूर्ण पद या तो दलबदलुओं को या सिर्फ धोखेबाज चापलूसों को दे दिए गए। यानी अगर पसमांदा मुसलमानों को समाजवादी पार्टी में अपनी आबादी के अनुपात में हक़, हिस्सेदारी चाहिए, तो उसे आगे पार्टी से वफादारी_नहीं, बल्कि बल्कि सपा का खुलकर विरोध करना पड़ेगा। और ऐसा करने के लिए समाजवादी पार्टी, खुद ही उन्हें मजबूर कर भी रही है। वैसे माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी, जिस दिन पसमांदा मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी, का साथ छोड़ दिया तो सपा की सियासी हैसियत अपना_दल, राजभर, निषाद दल या राष्ट्रीय लोकदल से बड़ी नहीं होगी और आपको भी उप्र का नया ओम प्रकाश राजभर, जयंत चौधरी, संजय निषाद या अनुप्रिया पटेल यानी सिर्फ एक जाति का नेता बनते बिलकुल देर ना लगेगी आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी समाजवादी पार्टी की ही तरह कभी कांग्रेस पार्टी भी ऐसे ही गुरूर में रहती थी, कि पसमांदा मुसलमानों को कोई पद, कोई टिकट, कोई मान- सम्मान या हिस्सेदारी दो या ना दो इनकी मजबूरी है, कांग्रेस को वोट देना आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी, आप पश्चिम बंगाल, उप्र, दिल्ली जैसे प्रदेशों में कांग्रेस की हुई बरबादी से ही सबक ले लो, तो बहुत मेहरबानी होगी जिस दिन से पसमांदा मुसलमानों ने कांग्रेस का साथ छोड़ा पश्चिम बंगाल में कांग्रेस शून्य और उप्र में सिर्फ_2 सीट और सबसे बुरा हाल तो दिल्ली का हुआ, जहां ठग केजरीवाल के आने से पहले, लगातार 3 -3 बार, कांग्रेस ही सत्ता में रही थी, पिछले 2 चुनावों से, दिल्ली में सिर्फ शून्य सीट ही हासिल कर पा रही है। आपसे एक बार और गुजारिश है कि इसके पहले समाजवादी पार्टी भी, उत्तर प्रदेश की नई कांग्रेस बने मेहरबानी करके पसमांदा मुसलमानों के साथ, आप और आपकी पार्टी जो नाइंसाफी और धोखेबाजी, बार-बार लगातार करते जा रहे हैं, उस पर रोक लगा दीजिए ये आपकी पसमांदा मुसलमानों पर नहीं, बल्कि खुद_पर और समाजवादी पार्टी पर भी बड़ी मेहरबानी होगी वैसे अगर आपने सपा को उप्र की नई_कांग्रेस बनाने की जिद पकड़ ही ली है, तो फिर कोई बात नहीं !
