सेख समीम जामताड़ा
जामताड़ा और निरसा के बीच बड़ाकर नदी पर 15 वर्षों से अधूरे एवं टूटे पुल का निर्माण झारखंड सरकार जल्दी करे। उक्त बातें बारबेन्दिया बीरग्राम श्यामपुर पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार महतो ने कही । उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार में बजट की कमी नहीं है। राज्य सरकार जांच के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है मगर धरातल पर कुछ भी काम शुरू नहीं हो सका है। झारखंड का सबसे लंबा पुल निर्माण की स्वीकृति मधु कोड़ा की सरकार ने दी थी । विदित हो कि 58 पिलर से तैयार हो रहा यह पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और आज तक लोग नाव से अपनी जान को जोखिम में डालकर जामताड़ा से निरसा की ओर आना-जाना करते हैं । समिति के सचिव मोहम्मद रफीक अंसारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार में शामिल मंत्री जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । जनता की जान को नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल 24 फरवरी 2022 को निरसा से जामताड़ा की ओर आ रही नाव में सवार कुल 14 लोगों की मृत्यु हो गई थी। रोजाना नाव से सवार होकर सब्जी विक्रेता , राजमिस्त्री , फेरीवाला , नौकरी पेशा , छात्र एवं छात्राएं , मजदूर , मरीज हजारों की संख्या में नाव पर चढ़कर नदी के इस पार से उस पार तक सफर करते हैं। पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं सचिव ने राज्य सरकार के मुखिया हेमन्त सोरेन से यथाशीघ्र पुल निर्माण की मांग की है ।
