रक्सौल - विश्व हृदय दिवस के अवसर पर पारा मेडिकल कॉलेज के छात्र छात्राओं के द्वारा डॉ मनीष कुमार के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर जागरूकता अभियान चलाया गया। हृदय में होने वाली बीमारियों और आपात स्थिति में होने वाली खतरों से कैसे बचे इसको लेकर यात्रियों को जागरूक किया गया। वही डॉ मनीष कुमार ने बताया कि यदि आपात स्थिति में किसी यात्री को हार्ट और फेफड़ा काम करना बंद कर दे तो उस स्थिति में सीपीआर दे कर मरीज की जान बचाई जा सकती है। वही उन्होंने यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व मे दो करोड़ लोग प्रति वर्ष बीमारियों से मरते है जिसमे अधिकांश मृत्यु दिल के दौरा पड़ने से ही होता है। इसीलिए लोगों को दिल की बीमारी के बारे में जानना चाहिए व जागरूक रहना चाहिए। डॉ मनीष ने कहा कि हमारा उद्देश्य यही है कि गांव व शहर के लोगों को सीपीआर की जानकारी होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके। वही मौके पर मौजूद रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक डॉ एसके सिंह ने कहा कि सीपीआर एक ऐसी तकनीक है, जिससे लोगों की जान बचाई जा सकती है। आपकी एक पहल किसी की जान बचा सकती है। इसलिए इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए, सभी जगह डॉक्टर की उपलब्धता संभव नही है। वही प्रशिक्षण के दौरान मौजूद यात्रियों ने गौर से पारा मेडिकल कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा सीपीआर कैसे होता है उसे देखा। मौके पर रेलवे स्टेशन अधीक्षक अनिल सिंह, स्वच्छ रक्सौल संगठन के अध्यक्ष रंजीत सिंह, अरुण गुप्ता, बिमल रूंगटा, आलोक कुमार, मुकेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
फोटो -जागरूकता अभियान

