पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत मिर्जापुर उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम श्रीस्टी आनंद सरकार के आदेश को मानना मुनासिब नही समझते है।उनके न तो आने का समय निश्चित है और न ही जाने का।
मिर्जापुर उप स्वास्थ्य केंद्र पर देखने में आ रहा है कि इन केंद्रों में अक्सर ताला लगा दिखाई देता है, या फिर स्टाफ जल्द स्वास्थ्य केंद्र पर बंद कर निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को इलाज कराने के लिए या फिर झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है या फिर प्रखंड मुख्यालय या जिला में जाकर इलाज कराना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उपस्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ एएनएम की लापरवाही के कारण लोगों को समय पर इलाज नहीं मिलता है।मिर्जापुर उप स्वास्थ्य केंद्रों पर आए दिन ताला लटका दिखाई देता है।यहां के ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम मर्जी अनुसार आते हैं, कभी एक घंटे तो कभी दो घंटे रुकने के बाद चले जाते हैं। कभी-कभी तो स्वास्थ्य केंद्र खुलता ही नहीं है। बाकी दिनों में केंद्र पर ताला दिखाई देता है।लोगो ने यह बताया कि एएनएम सिर्फ टीकाकरण करने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचती हैं। जिससे गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तो हो जाते हैं लेकिन बाकी के दिनों में इलाज नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों ने बताया इलाज कराने के लिए पताही या मोतिहारी जाना पड़ता है। जिसमें पैसा और समय दोनों खर्च होते हैं।यहां बता दे कि पूर्व में भी मिर्जापुर के ग्रामीणों के द्वारा एएनएम श्रीस्टी आनंद के खिलाफ काफी विरोध भी किया गया था फिर भी श्रीस्टी आनंद के रवैया में कोई सुधार नही हुआ।
वही इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शंकर बैठा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मिर्जापुर की एएनएम श्रीस्टी आनंन्द के खिलाफ हमेशा शिकायत मिल रही है जांच कर जल्द ही करवाई की जायेगी।

