मोतिहारी वन प्रमंडल के सहयोग से चकिया प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, नरौनी में “पर्यावरण की पाठशाला सह पौधारोपण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने कहा कि लोक परम्पराओं में प्रकृति की आत्मा का वास है। उन्होंने कहा कि जब जलवायु परिवर्तन का प्रभाव नहीं था, तब हमारे पूर्वज प्रकृति पर गहन चिंतन करते थे। वे पेड़, धरती, नदी और पहाड़ की पूजा करते थे तथा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करते थे।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हम प्रकृति की पूजा तो करते हैं, लेकिन अपने लिए न स्वच्छ नदी बचा पाए, न हरे-भरे पहाड़, न शुद्ध हवा और न ही सुंदर वातावरण। मानव के लालच ने प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हमें अपने पुरखों से मिली विरासत सुरक्षित रूप में सौंपनी है।
यह तभी संभव है जब युवा पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आए और जागरूक बने। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विधु बाला ने कहा कि पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण और जीव-जंतुओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यदि हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलें, तो हमारा जीवन सुखमय और समृद्ध होगा। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में पौधे लगाए गए। पौधों की देखरेख करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक सुनील कुमार, संतोष कुमार सिंह, बीरेंद्र कुमार, सुनील कुमार बैठा एवं विद्यालय के विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

