इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने कंगना को हरामखोर लड़की कहा था, हालांकि बाद में उन्होंने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि मेरा हरामखोर कहने से वो मतलब नहीं था।
इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने कंगना को हरामखोर लड़की कहा था, हालांकि बाद में उन्होंने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि मेरा हरामखोर कहने से वो मतलब नहीं था।हमारे महाराष्ट्र में 'तू हरामखोर है' का मतलब है कि नॉटी है, बेईमान है। हमारे यहां कंगना दोनों है। मेरे हिसाब से वे नॉटी गर्ल हैं।मैंने देखा है कि वो मजा-मजाक करती हैं. और कोई भी लड़की मुंबई में रहती है, अगर देश के साथ ऐसा करती है। तो मैं कहता हूं कि वो बेईमान है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बोलीं कंगना, न्याय की उम्मीद
इससे पहले कंगना रनौत ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे (राज्यपाल) यहां के गार्जियन हैं। मेरा पॉलिटिक्स से लेना-देना नहीं है। मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है। गवर्नर साहब ने बेटी की तरह मेरी बात सुनी। मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा।
उन्होंने कहा- 'आज राज्यपाल जी से मिलकर मैंने उनके सामने अपनी परेशानी रखी।मेरे साथ जो अन्याय हुआ है वह उन्हें बताया। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को मैं एक आम नागरिक के तौर पर अपनी परेशानी बताने आई थी कि मेरे साथ जो हुआ वो गलत हुआ है। उन्होंने मुझे एक बेटी की तरह सुना। जिस शहर में मैंने स्क्रैच से अपनी शुरुआत की थी, वहीं मेरे साथ ऐसा सुलूक किया गया है। राजनीति से मेरा कोई संबंध नहीं है। आम आदमी की तरह ही मैं अपनी फरियाद लेकर आई थी।मुझे खासकर देश की बच्चियों को सिस्टम पर विश्वास है। विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा'।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद कंगना के हाथ में कमल का फूल भी देखा गया है। शिवसेना के साथ कंगना की जुबानी जंग ने अहम मोड़ ले लिया है। शिवसेना के नेता संजय राउत के साथ विवाद के बाद पाली हिल स्थित कंगना के ऑफिस पर बीएमसी ने बुलडोजर चला दिया था। इसके अलावा कंगना को उनके घर में अवैध कंस्ट्रक्शन के लिए भी नोटिस भेजा गया था।
