संवाददाता: साबिर अली
नियम ताख पर ,कार्यालय चल रहा है अभियंताओ के शाख पर । जी हां इसका जीता जागता उदाहरण ग्रामीण कार्य प्रमंडल नरकटियागंज में प्रतिनियुक्त कर्मी राजनंदन का बताया जाता है। विदित हो कि विभागीय नियमानुसार स्शनानतरण करने वाले पदाधिकारी ही प्रतिनियुक्ति कर सकते हैं वह भी विशेष परिस्थिति में अगर प्रतिनियुक्ति करते भी हैं तो मात्र 90 दिन का से ज्यादा प्रतिनियुक्ति नही होता है अगर करते भी हैं तो उसका अलग से प्रतिनियुक्ति भत्ता अलग से देना होता है लेकिन इस विभाग में तो ढाक का पांत बना नियम, यहां जब जिस अधिकारी को जो मन में आया जिसको जहां पर प्रतिनियुक्ति करना है वह कर देता है इसमें कोई पूछने वाला नहीं है जानकार बताते हैं कि नरकटियागंज डिवीजन के कर्मी राजनंदन विगत एक कई दशको से एक ही डिवीजन में अंगदी पाव जमे हुए हैं। जानकार बताते हैं कि पहले नरकटियागंज में पदस्थापन हुई उसके बाद स्थानांतरण सर्किल में हुआ सर्किल के स्थानांतरण के बाद प्रतिनियुक्ति नरकटियागंज में हो गया। पुनः स्थानांतरण जून 21 में बेतिया ग्रामीण कार्य प्रमंडल में हुआ लेकिन यह नरकटियागंज में ही प्रतिनियुक्ति करा कर इनकी चांदी कट रही है । प्रतिनियुक्ति का खेल जबकि विभागीय नियमानुसार यह नियम विरुद्ध है यह अभियंताओं के लिए कोई मायने नहीं रखता है आखिर किस लाभ वास एक ही डिवीजन में दशको से अंगदी पांव जमा हुए हुआ है इस कर्मी इस पर कार्यवाही की जगह इन पर प्रतिनियुक्ति का आशीर्वाद बरसाया जाता है लाभान्वित होकर वरिय अधिकारियों द्वारा प्रसाद स्वरूप प्रतिनियुक्ति कर दिया जाता है। प्रतिनियुक्त कर्मी बेतिया मे रहकर नरकटियागंज के कार्यालय का कार्य करता है जो भी पदाधिकारी आते हैं जाते हैं उसके चहेते बन जाता है और पदाधिकारी कोई भी हो इसका गोटी लाल रहता है जानकार बताते हैं उक्त कर्मी आज अकूत संपत्ति का मालिक है।
इस संदर्भ में कार्यपालक अभियंता से पूछे जाने पर उन्होंने इसमें अन्य वक्ता जाहिर की।
अधीक्षण अभियंता रामदेव चौधरी ने बताया कि कर्मचारी की कमी के चलते इनकी प्रतिनियुक्ति की गई है। इस संदर्भ में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगो ने करवाई की जांच कर कार्रवाई की मांग की है