संवाददाता: साबिर अली
खेत चरे गदहा मार खाय जुलाहा । दर्जन निलंबित, कई स्वास्थ्य संस्थानों में लंबित, एक पर कार्रवाई क्यों ? मामला पश्चिमी चंपारण जिले के स्वास्थ्य समिति मे एनटीडी भायल खरीदारी का। पश्चिमी चंपारण जिले के जिला स्वास्थ समिति में 2 फरवरी 22 को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एंन टी डी वैक्सीन अनियमितता में आनन-फानन में कांड दर्ज करा दिया गया कि इसमें 33 लाख 77 हजार ₹400 कि घोटाले की गई है कि आरोप में तत्कालीन जिला लेखा प्रबंधक को नामजद अभियुक्त बनाया गया है जबकि इस मामले में करीब आधा दर्जन से ऊपर भंडार पाल, क्रय लिपिक निलंबन की कार्रवाई की गई थी और कई जगह मामला लंबित है जबकि दवा खरीद में क्रय समिति में पांच चिकित्सा पदाधिकारी रहे उसमें से एक मृत, दो सेवानिवृत्त ,दो कार्यरत तो प्राथमिकी में बाकी क्यों नहीं ? यह अपने आप में यक्ष प्रश्न है कि बाकी लोगों पर प्राथमिकी क्यों नहीं। उक्त बातें विनोद कुमार, तत्कालीन लेखा प्रबंधक आपबीती बताते हुए कहां की हुए विगत वर्ष 2013-14 में जो एनटीडी वैक्सीन की कुल 25 सौ भायल घोटाले का आरोप लगाकर आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई जबकि दवा क्रय करने हेतु क्रय समिति का गठन किया गया था जिसमें 5 चिकित्सा पदाधिकारी रहे हैं कई लिपिक रहे अन्य पदाधिकारी भी रहे लेकिन उन पर करवाई ना करते हुए केवल हम पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कार्रवाई की गई है जबकि शॉर्ट एक्सपायरी का दावा किसने लाया इस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई ? जबकि अन्य दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो लिपिकों ने कुछ राशि भी जमा करा दी है तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं जिसमें नौतन और रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य जिसमें कार्यवाही नहीं की गई जोकि अपने आप में यक्ष प्रश्न है जबकि गौनाहा , नौतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व अनुमंडल अस्पताल बगहा आदि में आपूर्ति की गई थी। उन्होंने आगे बताया कि उक्त मामला निराधार है।