संवाददाता: साबिर अली
VTR वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के वनकर्मियों ने वन क्षेत्र के चूलभट्टा जंगल के वन कक्ष संख्या टी 29 से वन कर्मियों ने सोमवार की रात्रि में एक नेपाली वन तस्कर को लकड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। चार अन्य वन तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में कामयाब हो गए। गिरफ्तार तस्कर की पहचान पड़ोसी देश नेपाल के पत्थरकला निवासी संतोष बिंद के रूप में हुई है।
वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र अधिकारी महेश प्रसाद ने बताया कि सूचना मिली थी कि वन तस्करो का एक समूह जंगल में घुसकर लकड़ी काट रहा है। जिसके बाद प्रभारी वनपाल सह वनरक्षी आजाद कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम को गठन कर छापेमारी के लिए भेजा गया। वनकर्मियों की टीम ने छापेमारी कर चार अदद लकड़ी के साथ एक वन तस्कर को दबोच लिया।
गंडक नदी के रास्ते तस्करी की लकड़ियां जाती है नेपाल
भारत और नेपाल के बीच में गंडक नदी बहती है। इस नदी का एक सिरा VTR से लगता है तो दूसरा सिरा नेपाल से इसका फायदा उठाकर तस्कर गंडक नदी के रास्ते जंगल के लकड़ियों का तस्करी करते हैं। तस्करी के लिए छोटे-छोटे नामों का प्रयोग किया जाता है। रात के अंधेरे में या फिर जाड़े के मौसम में कोहरे में लकड़ी तस्करी का ज्यादातर कारोबार होता है।
चिउटाहां वन क्षेत्र से तस्कर गिरफ्तार
वीटीआर चिउटाहां वन क्षेत्र के वनकर्मियों ने वन क्षेत्र के वन कक्ष संख्या- के 40 के जंगल में छापेमारी कर जानवरों का शिकार करने वाला दो जाल के साथ एक शिकारी को गिरफ्तार किया है। चिउटाहां वन क्षेत्र अधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि शिकारियों का एक समूह जंगल में घुसकर शाकाहारी व मांसहारी जानवरों जंगल में जाल लगाकर जानवरों का शिकार करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। वनकर्मियों की टीम ने छापेमारी कर दो अदद रेशम जाल के साथ एक शिकारी को दबोच लिया। गिरफ्तार शिकारियों के निशानदेही पर और कई लोगों को चिन्हित किया गया है, जो शिकार करने में शिकारियों को संरक्षण देते हैं। गिरफ्तार शिकारी मोहन लाल उरांव ग्राम ढोलबजवां हैं।
जाड़े के दिनों में तस्करी के बढ़ते हैं मामले
बताते चलें कि जाड़े के दिनों में वन तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग लगातार वन विभाग के कर्मियों को अपडेट कर रही है। उन्हें हर तरह का ट्रेनिंग भी दिया जा रहा है। ताकि तस्करो से निपटा जा सके। वीटीआर में दो तरह के तस्कर एक्टिव है एक लकड़ी की तस्करी करने वाले तो वहीं दूसरे जानवर की तस्करी करने वाले। विगत 3 महीने में दो दर्जन से तस्कर वीटीआर से पकड़े जा चुके हैं। जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। इसके पहले भी कई दफा नेपाली तस्करों को वन विभाग की टीम ने पकड़ कर जेल भेजा है।