संवाददाता: साबिर अली
बगहा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दीपक कुमार सिंह ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। वहीं, अर्थदंड नहीं तो सूरत में 2 साल का अतिरिक्त सजा भुगतना होगा।
मामले को लेकर प्रभारी लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि सजा सिपाही साह हत्याकांड में सुनाया गया। बगहा के भैरोगंज थाना में 17 दिसंबर 2018 की रात्रि सिपाही साह की हत्या राजन बीन, रत्नेश बीन तथा पिता हरी बीन द्वारा कर दी गई थी। जिसमें कांड संख्या 620/2018 धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई गई।
उन्होंने बताया कि सिपाही साह को 17 दिसंबर 2018 की रात्रि 10 बजे अपने घर बुला कर लें जाकर तीनों अभियुक्तों राजन बीन, रत्नेश बीन, हरि बीन द्वारा सिपाही साह की हत्या अपने घर में ही कर दी गई थी। राजन बीन की पत्नी के साथ सिपाही साह का अवैध संबंध होने के चलते निर्मम हत्या की गई। इस मामले में मृतक की पत्नी उषा देवी ने बगहा/भैरोगंज को थाना में कांड संख्या दर्ज कराई थी।