नाला (जामताड़ा):23 जनवरी से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सहियाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरी । इस संबंध में आज सोमवार को झारखंड प्रदेश स्वास्थ्य सहिया संघ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 400 सहियाएं कार्यरत है। सहियाओ द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचायी जाती है। सहियाएं प्रोत्साहन राशि के रूप में महज ₹2000 मासिक प्राप्त कर विगत 16 वर्षों से अपना कार्य इमानदारी पूर्वक कर रही है। इससे पूर्व विभागीय स्वास्थ्य मंत्री से कई बार मिलने पर केवल आश्वासन दिया गया और आज तक कोई पहल नहीं की गई। संघ की प्रखंड अध्यक्ष मिताली मंडल तथा सचिव मालोती रजक ने बताया कि हमारी मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किए जाने के कारण हम सभी स्वास्थय सहियाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य हो गई है। कहा की आज 23 जनवरी से स्वास्थ्य सहियाओ का सभी कार्य पूरी तरह ठप रहेगा। प्रखंड अध्यक्ष मिताली मंडल के द्वारा जानकारी देते हुए कहा की हमारी मुख्य मांग यह है की सहिया ग्रामीण एवं सहरी मासिक प्रत्साहान राशि के बदले फिक्स्ड मानदेय 18000 दिया जाये |
सहिया एवं साथी को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाये तथा कार्यअनुभाव के आधार पर सहियाओ को एएनएम का प्रशिक्षण देकर नियुक्ति में 50% आरक्षण दिया जाये तथा वर्ष में दो बार ड्रेस दिया जाये या 2000 दिया जाये |
सहियाओ को अनुकम्पा का लाभ दिया जाये और सहियाओ के आकस्मिक मृत्यु होने पर 50 लाख आर्थिक सहयोग दिया जाये |
शहरी सहिया एवं सहिया साथी को जो हटाया गया उसे पुनः कार्य में योगदान किया जाये और सहियाओ को ईपीफ तथा पेंशन का लाभ दिया जाये साथ ही हर पंचायत में सावस्थ उपकेंद्र खोला जाये एवं एम्बुलेंस डॉक्टर नर्स एवं उस पंचायत में कार्यरत सहिया को तिथिवार प्रतिनुक्त किया जाये एक ठोस सहिया नियमाबली बिधानसभा में पारित किया जाये प्रति वर्ष मानदेय में 5से 10% वृद्धि किया जाये 42000 हजार सहिया को टेब दिया जाये प्रति सहिया को साइकिल के स्थान पर स्कूटी दिया जाये तथा V H S A N D FUND 10000 र से बढ़ाकर 25000 र दिया जाये मुख्य स्थान पर जिला अध्यक्ष मिताली मंडल जिला सचिब मालोती रजक पापिया बीबी रेहना बीबी पूर्णिमा मंडल मिनती बाउरी सुकूदी मुर्मू अमीना बीबी रजिफा खातून पुष्पा पल बंदना खां ललिता भंडारी बबिता बाध्यकर बसंती मंडल आशा पल सुलेखा माज़ी काजोली मोहली उपाशी मिर्धा डोली दास गीता राउत मिठू पल और सभी सहिया हड़ताल पर डटे रहे |
