हमारा देश लोकतंत्र है सभी को संविधान ने हक एवं अधिकार दिए हैं। हमारे बुजुर्गों ने देश की आजादी में बड़ी कुर्बानियां दी है। सभी धर्म बिरादरी जाति के लोग आपस में मिलकर जिंदगी गुजर बसर करते हैं। देश की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि अनेकता में सबका एकता पर विश्वास है। कुछ लोग हैं जो हमेशा गरीब, असहाय, जरूरतमंद, पीड़ित परिवार, की मदद के लिए सबसे आगे रहते हैं। गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत जिला परिषद भाग संख्या 46 के प्रतिनिधि मुफ्ती मो सईद आलम ऐसे समाज सेवी हैं जो पिछले 25 वर्षों से जनता के बीच सेवा करते आ रहे हैं। जिन्होंने कभी धर्म बिरादरी जात मजहब किसी का नहीं देखा हमेशा जरूरतमंदों के बीच खड़े पाए गए। वह अपने स्तर से पीड़ित जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं मुफ्ती मो सईद आलम में सेवा का भावना भरा हुआ है। उक्त बातें ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के संथाल परगना प्रभारी मौलाना सद्दाम हुसैन ने कही है उन्होंने आगे बताया है कि सेवा करने का अपना अलग ही आनंद होता है। एक बार सेवा करने की आदत पड़ जाती है तो फिर छूटती ही नहीं। जैसे कि हम बचपन से सुना या पढ़ा करते हैं कि सेवा सभी धर्मों का मूल है। अगर हम सेवा नहीं कर सकते तो हमारा यह मानव जीवन निरर्थक है। सेवा भाव के जरिए हम समाज को नई दिशा दे सकते हैं। असल में हमारा सेवा भाव ही हमारे जीवन में कामयाबी की असल नींव रखता है। सेवा भाव को अपने हृदय के भीतर विकसित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। सामाजिक स्तर पर भी सभी को इस ओर लगातार प्रयास करने चाहिए, जिससे देश व समाज का भला हो सके। मुफ्ती मो सईद आलम सभी धर्म बिरादरी मजहब के लोगों की कदर करते हैं तथा सबसे मिलते हैं। मुफ्ती सईद की शख्सियत पर इल्जाम तराशी ताने-बाने ओर कमेंट करने से पहले एक बार जरूर सोच लेना चाहिए ये कहीं से उचित नहीं है।
