जामताड़ा नगर स्थित संत एंथोनी स्कूल में आज महान कवि, सहित्यकार, संगीतकार, शिक्षाविद्, अद्वितीय कथाकार, राष्ट्रगान के रचयिता तथा नोबेल पुरस्कार से सम्मानित श्रद्धेय रवींद्रनाथ ठाकुर की 162वीं जयंती कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय के मुख्य संरक्षक श्री दुर्गा दास भंडारी, निदेशक डॉ चंचल भंडारी, एकेडमीक हेड श्री दीपक कुमार मंडल, प्रभारी प्राचार्य श्री अरुप कुमार यादव तथा विजन-ई के सेक्रेटरी श्रीमती अपर्णा भंडारी उपस्थित थे।
सर्वप्रथम कवि गुरु रविंद्रनाथ टैगोर की प्रतिमूर्ति पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका योगदान का स्मरण किया।
विशेष प्रार्थना सभा के सारे कार्यक्रम गुरूदेव पर आधारित थे।
तत्पश्चात, वर्ग अष्टम 'क' की छात्रा सुरभि नाग ने कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर की जीवनी पर भाषण प्रस्तुत किया,चंचल मंडल, सुभश्री मिश्रा, सुभद्रा दास,पीहू दत्ता, मानसी कुमारी ने _चांदेरे बुड़ि_ कविता का पाठ किया, छात्रा सृति दास तथा वर्ग नर्सरी की शिक्षिका सोमा सरखेल ने कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मौके पर विद्यालय के मुख्य संरक्षक श्री दुर्गादास भंडारी कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता के जोड़ासांको में हुआ था। वह भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता होने के साथ ही काव्य, कथा, नाटक, शिक्षा एवं चित्रकला आदि के क्षेत्र में अमिट पहचान बनाने वाले अप्रतिम व्यक्तित्व के धनी थे।
मौके पर पर विद्यालय के निदेशक डॉ चंचल भंडारी कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर के प्रतिमूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि रविंद्र नाथ टैगोर एक ऐसे प्रकाश स्तंभ थे जिन्होंने पूरे संसार को अपनी व्यक्तित्व,कृतित्व तथा रचनाओं के माध्यम से आलोकित किया। रविंद्र नाथ टैगोर एक महान कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता हैं ।
अंत में डॉ भंडारी ने सभी विद्यार्थियों को कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री अरूप कुमार यादव ने महाकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रविंद्र नाथ टैगोर ने शांति निकेतन में विश्व भारती विश्व विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा को बढ़ावा दिया तथा श्री टैगोर ने अंग्रेज सरकार द्वारा दी गयी नाईट की पदवी को जलियावाला बाग नरसंहार के विरोध में लौटा दिया था । अंत में श्री यादव ने अनुशासन के महत्त्व को बताते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर टैगोर जयंती की हार्दिक शुभ शुभकामनाएं प्रदान किया।
इस शुभ अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित थे।
