झारखण्ड रिपोटर सेख समीम
नाला प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुलडंगाल पुरातन ठाकुर बाड़ी में आज से प्रारंभ होने वाले श्रीमद् भागवत कथा को लेकर कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम स्थल से कलश यात्रा कुलडंगाल, देवली होते हुए देवलेश्वर मन्दिर होकर शिवगंगा पर पहुंचा। वहां आचार्य हलधर झा के द्वारा पूजा अर्चना के उपरांत कलश में जल भरकर भगवान का जयकारा लगाते हुए सभी पुनः कार्यक्रम स्थल पहुंचे। कलश यात्रा को लेकर माहौल भक्तिमय बना हुआ हैं। भजन संकीर्तन के साथ भागवत कथा का विराट आयोजन होने जा रहा है जो शाम के 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दो दिन होगा। एंव 2 दिन बांग्ला कीर्तन का भी आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण परिवेश के लोगों मे हर्ष व्याप्त हैं। जिसमें भगवान श्री कृष्ण के संपूर्ण जीवन लीलाओं के प्रसंग के साथ-साथ सती चरित्र, ध्रुव प्रहलाद कथा, कपिल भगवान उपदेश, गजेंद्र ग्राह प्रसंग, समुद्र मंथन लीला, अजामिल उद्धार, वामन अवतार, राम अवतार लीला का अद्भुत समागम है। इस कार्यक्रम का आयोजक भागवत कथा एवं बांग्ला कीर्तन का स्वर्गीय यादव झा एवं उर्मिला झा के कनिष्ठ पुत्र राजा झा,पत्नी मामूनी झा और श्रद्धालुगण आयोजक है । इस कार्यक्रम में कथा वाचक वृन्दावन धाम के महाराज श्याम सुंदर दास ठाकुर जी एवं बांग्ला कीर्तनिया पश्चिम बंगाल बीरभूम धनंजय बैराग्य का आगमन हुआ है। भागवत कथा एंव बांग्ला कीर्तन वाचन सुनने दूरदराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हुई एवं संपूर्ण माहौल भक्तिमय हो गया। ग्राम कुलडंगाल में दो दिन चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा एंव दो दिन चलने वाला बांग्ला कीर्तन से पूर्व कलश तथा श्रीमद्भागवत पुराण की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं कलश लेकर चल रही थी। शोभायात्रा कथा स्थल से शुरू होकर गांव के सभी मंदिर से होते हुए बाबा देलीश्वर मंदिर पहुंची। यहां पूजा अर्चना के उपरांत कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। पहले दिन कथा व्यास वृंदावन से पधारे कथावाचक महाराज श्याम सुन्दर दास ठाकुर जी बृजवासी ने श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के महत्तम का श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि जब अनंत जन्मों के हमारे पुण्य उदय होते हैं। तब हमें भागवत कथा श्रवण करने का अवसर प्राप्त होता है। भागवत कथा को पुराणों में प्रेत पीड़ा विनाशनी कहा गया है। जिसने जीवन भर पाप ही पाप किए हों, उस पापी का उद्धार भी भागवत श्रवण के द्वारा संभव है। इस मौके पर जियाराम ठाकुर, सत्यानंद झा बाटुल, बासुदेव झा, अजित कुमार पाल, पूजारी हलधर झा,रविलाल झा, गोपाल दास, बिमल पाल,हेलानाथ भंडारी समेत कृष्ण भक्त एंव हजारों संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे ।
