मोतिहारी पू.च. : शुक्रवार को बुद्धपूर्णिमा पूरे देश भर में बड़े ही हर्षो उल्लास मनाई गई । बुद्धपूर्णिमा के दिन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राम सेवक राम से बात चीत के दौरान उन्होंने तमाम सारे पहलुओं पे चर्चा की बताया की इस दिन दुनिया के सभी बौद्ध धर्म के लोग भगवान बुध की पूजा काफी जोर-शोर से करते है
अपने देश में तो मनाया ही जाता है इसके साथ बुद्ध पूर्णिमा विश्व में भारत के अलावा नेपाल, इंडोनेशिया, चीन, श्रीलंका, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, जापान आदि विश्व के कई सारे अन्य देशों में वैशाख पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। भगवान गौतम बुध का जन्म नेपाल के कपिलवस्तु के नजदीक लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था । इनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्यों के राजा थे और जब उनके पिता ने उन्हें अपने राज्य का उत्तराधिकारी घोषित किया इसके पश्चात गौतम बुद्ध ने सांसारिक समस्यायों से व्यथित होकर 29 वर्ष की अवस्था में अपना गृह त्याग दिया। और पूरे छः सालों तक जंगल में भटकते रहे और कठोर तपस्या की इसके पश्चात उनको वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधिवृक्ष के निचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति निरंजना नदी के किनारे बसे शहर बोधगया में पीपल के पेड़ " बोधिवृक्ष " के निचे हुई थी अजीब संयोग यह है की बोधगया में आज भी वह पेड़ है जहां पर उन्होंने कठोर तपस्या कर आत्म ज्ञान और सत्य की प्राप्ति हुई थी।
त्रिमासी पर्व के रूप में मनाया गया बुद्धपूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व इसलिए विषेश हो जाता है इस दिन
भगवान गौतम बुध का जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण उसकी तारीख वैशाख पूर्णिमा को ही ही थी ऐसी दुर्लभ घटना बहुत ही कम महापुरुषों के साथ होता है । रामसेवक राम बताते है की इसलिए यह दिन हम बुधिष्ट लोगो के लिए बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व हो जाता है । बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पे भारत में सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहती है। हमलोग इस दिन बुद्ध भगवान की विशेष पूजा अर्चना कर खुद को धन्य महसूस करते है। और इस अवसर पर बौद्ध लोग अपने घरों को पुरे तरीके से मोमबत्तियों से जगमग कर देते है साथ ही प्रसाद के साथ बड़े खुशी के साथ खाना खिलाते है। रामसेवक राम का कहना है की सबसे खुशी की बात यह की दलितों और महिलाओं के मसीहा डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने पूरे दुनियां के सारे धर्मों को पढ़ा उसके पाश्चात्य बौद्ध धर्म अपनाया इससे साफ जाहिर होता है की बौद्ध धर्म समाज व जान कल्याण के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। बाबा साहेब के कथन है की जीवन में कभी भी बुराई को बुराई से खत्म नहीं किया जा सकता है। घृणा को सिर्फ प्रेम द्वारा ही खत्म किया जा सकता है । बाबा साहेब का सबसे महत्त्वपूर्ण कथन आप चाहें जीवन में जितनी भी अच्छी किताबें पढ़ लें, कितने भी अच्छे शब्द सुन लें, लेकिन जब तक आप उनको अपने जीवन में उतारेंगे नहीं तब तक उसका कोई फायदा नहीं। बुद्धपूर्णिमा के शुभ अवसर पे समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
