जबलपुर (मध्य प्रदेश)।THE ROYAL NEWS
नर्मदा तट पर बसे जबलपुर शहर में अब भी करीब एक लाख घर ऐसे हैं, जहां के लोग पीने के पानी के लिए बोरिंग, कुआं और जलाशयों पर निर्भर हैं। हाल ही में इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद जबलपुर के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, शहर के कई क्षेत्रों में भूजल की जांच के दौरान फ्लोराइड की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। शहर के जिन इलाकों में नर्मदा जलापूर्ति नियमित नहीं है, वहां रहने वाले लोग मजबूरी में बोरिंग के पानी का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में दूषित पानी स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और पानी की जांच कराने की सलाह दी गई है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने की बात कही जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति में सुधार को लेकर लोग अब भी आशंकित हैं।

