धार्मिक संत और शंकराचार्य ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार देखा कि पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी छोटे-छोटे ब्रह्मचारी शिष्यों के साथ मारपीट करते नजर आए।
शंकराचार्य ने कहा कि यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। उनके अनुसार, जिन शिष्यों पर कार्रवाई की गई, वे निहत्थे और अनुशासन में रहने वाले थे, फिर भी उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया।
इस बयान के सामने आने के बाद धार्मिक संगठनों और संत समाज में रोष देखने को मिल रहा है। कई संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है।


